संपादकीय
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‘वंदे मातरम्’ पर बवाल
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पर देश भर में राजनीतिक बवाल मच गया, यह वाकई शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। ‘वंदे मातरम्’ पर संसद…
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‘विकसित भारत’ का संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी ने लालकिले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया, लेकिन कोई नई नीतिगत घोषणा नहीं कर…
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लाल किले से फिर पुराने वादों की रिपैकेजिंग… युवाओं के सवाल गायब…
देश के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल पुराने ही…
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‘जय हो’ भारत
आज हमारा स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त, है। हमें गर्व, उल्लास और खुलापन महसूस करना चाहिए कि भारत एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक, संवैधानिक,…
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…क्या महज औपचारिकता बन गया है सदन?
एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद जनहित से जुड़े मुद्दों पर बहस का सर्वोच्च मंच होता है, तो ऐसे में सरकार…
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क्यों जरूरी है एफसीआरए बिल
यदि एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियामक अधिनियम) संशोधन बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के विचारार्थ भेजा जाता है, तो इसके साफ मायने…
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युवाओं का ‘नया इंकलाब’
यह ‘नया इंकलाब’ है, नए युग और नई पीढ़ी का ‘इंकलाब’ है। यदि ये युवा और छात्र संसद भवन के करीब…
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संसद चलेगी या पटाक्षेप
संसद के मानसून सत्र के सिर्फ चार दिन शेष हैं। इनमें सोमवार भी शामिल है। हम यह संपादकीय संसद की कार्यवाही…
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कब बनेगी दिल्ली जल-भराव मुक्त? हर स्तर पर तय हो जवाबदेही
राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते यह उम्मीद की जाती है कि दिल्ली में अन्य शहरों के मुकाबले हर मोर्चे पर…
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क्यों उबल रही जेन जी?
आजकल चारों तरफ जेन-जी की ऐसी धूम मची है मानो यही एकमात्र राष्ट्रीय मुद्दा और मसला हो! टीवी चैनलों पर लगातार…
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