‘नौकरी का लालच देकर’युवाओं को लूटने वाले!

देश में बेरोजगारी की समस्या गंभीर होती जा रही है और केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा रोजगार के नए अवसर सृजित करने के दावे खोखले सिद्ध हो रहे हैं। इसीलिए देश के विभिन्न राज्यों से युवा पलायन करके रोजगार की तलाश में दूसरे देशों को जा रहे हैं और जो विदेश जाने का जुगाड़ नहीं कर पाते उनमें से अनेक नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगने वाले गिरोहों का शिकार बन रहे हैं जो इसी वर्ष की निम्न में दर्ज घटनाओं से स्पष्ट है :
* 2 जनवरी को ‘अनूपशहर’ (उत्तर प्रदेश) के एक युवक ‘अंकित कुमार’ को गृह मंत्रालय में डाटा एंट्री आप्रेटर की नौकरी दिलाने का लालच देकर उससे 16 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में दिल्ली की एक महिला के विरुद्ध केस दर्ज किया गया।
* 1 मार्च को ‘नोएडा’ (उत्तर प्रदेश) में विदेश में ऊंची सैलरी वाली नौकरी दिलवाने का लालच देकर 100 से अधिक लोगों से लगभग 70 लाख रुपयों की ठगी करने वाले 2 जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
* 13 मार्च को ‘गुरुग्राम’ में ‘वर्क इंडिया ऐप’ के जरिए ‘शिस कार्पोरेशन’ नामक फर्जी कम्पनी बनाकर बेरोजगारों से ट्रेङ्क्षनग और वैरीफिकेशन के नाम पर पैसे ऐंठने वाले गिरोह के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई।
* 30 मार्च को ‘ठाणे’ (महाराष्टï्र) में एक बेरोजगार युवक को रूस में अच्छी नौकरी दिलवाने का लालच देकर उससे 2.92 लाख रुपए ठगने के आरोप में एक महिला सहित 3 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
* 5 मई को ‘रायपुर’ (छत्तीसगढ़) ग्रामीण पुलिस ने सरकारी विभागों में नौकरी दिलवाने के नाम पर 34 लोगों से करोड़ों रुपए की वसूली करने वाले एक शिक्षक और क्लर्क को गिरफ्तार किया।
* 28 मई को ‘जबलपुर’ (मध्य प्रदेश) में नौकरी लगवाने का लालच देकर एक युवक से 1.26 लाख रुपए की ठगी मारने का मामला सामने आया। आरोपी स्वयं को नेताओं का करीबी बताकर लोगों से रुपए वसूलता था।
* 3 जून को ‘खटीमा’ (उत्तराखंड) में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिलवाने का लालच देकर तथा उसे फर्जी नियुक्तिपत्र देकर उससे 21 लाख रुपए ठग लेने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया।
* 4 जून को ‘पुणे’ (महाराष्टï्र) के ‘ङ्क्षहजवाड़ी फेज-2’ स्थित ‘ङ्क्षथक टैक्नोलॉजी इंडिया’ नाम की कम्पनी द्वारा सैंकड़ों इंजीनियरिंग ग्रैजुएट्स, फ्रैशर्स और इंटन्र्स को नौकरी, स्टाइपैंड व स्थायी रोजगार का सपना दिखाकर लाखों रुपए ठग लेने के आरोप में कम्पनी के सी.ई.ओ. ‘हर्षल ठाकरे’ को गिरफ्तार किया गया जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
* 5 जून को ‘नोएडा’ (उत्तर प्रदेश) में होटल मैनेजमैंट के छात्रों को विदेशी क्रूज पर नौकरी दिलाने का लालच देकर 52 लाख रुपयों की ठगी करने का भंडाफोड़ हुआ। ठगों ने सोशल मीडिया विज्ञापनों और फर्जी इंटरव्यू के जरिए छात्रों को जाल में फंसाया था।
* 5 जून को ही ‘सिरसा’ (हरियाणा) के ‘नाथूसरी चौपटा’ गांव में ‘अली मोहम्मद’ नामक युवक को विदेश में नौकरी दिलवाने का लालच देकर उससे 1.90 लाख रुपए ठगने के आरोप में राजस्थान के एक आरोपी के विरुद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया।
* और अब 6 जून को ‘ग्वालियर’ (मध्यप्रदेश) के ‘महाराजपुरा’ में एक तांगा चलाने वाले को नगर निगम में नौकरी दिलवाने का लालच देकर उससे 2.25 लाख रुपए ठग लेने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति के विरुद्ध केस दर्ज किया।
ये तो वे चंद उदाहरण हैं जो समाचारपत्रों में प्रकाशित हुए हैं। इनके अलावा भी न जाने ऐसे कितने मामले हुए होंगे जिनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। अत: नौकरी पाने के उतावले पन में नौकरी दिलवाने का दावा करने वाले लोगों की अच्छी तरह पड़ताल करने और काम हो जाने के बाद ही उन्हें पैसे देने चाहिएं।
ऐेसे मामले सामने आने के बाद पुलिस को आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों को रोजगार के समुचित अवसर पैदा करने चाहिएं। ऐसा करके ही युवाओं को इस तरह की ठगी से बचाया जा सकता है।—



