‘विदेशों में बदनामी का’ कारण बन रहे चंद भारतीय!

एक ओर भारतीय मूल के लोग विश्व के कई देशों में उच्च पदों पर आसीन हैं तथा वहां के राजनीतिक व सामाजिक जीवन में कार्य करके देश का नाम रोशन कर रहे हैं तो दूसरी ओर चंद भारतीय नशीले पदार्थों की तस्करी, हत्या, छेड़छाड़ आदि अपराधों के सिलसिले में पकड़े जाने पर देश की बदनामी करवा रहे हैं। ऐसे मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है जिसकी इसी वर्ष की पिछले अढ़ाई महीनों की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 13 मई को श्रीलंका में साइबर अपराध के विरुद्ध चल रहे बड़े अभियान के तहत पुलिस ने टूरिस्ट वीजा का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 173 भारतीय नागरिकों और 25 नेपालियों सहित कुल 198 विदेशियों को गिरफ्तार किया।
* 18 जून को यू.के. (कैंट काऊंटी) में ‘केंटरबरी क्राऊन कोर्ट’ ने ‘जसकीरत सिंह’ नामक व्यक्ति को यू.के. से फ्रांस में प्रवासियों की अवैध तस्करी करने की साजिश का दोषी पाते हुए सवा पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई।
* 10 जुलाई को कनाडा के नागरिक ‘गुर अमृत सिद्धू’ को अमरीका की एक अदालत ने अमरीका से कनाडा में नशों की तस्करी करने और बेचने के आरोप में 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई। उसे ‘कनाडा’ के ‘ब्रैम्पटन’ से गिरफ्तार करके वहां के अधिकारियों ने अमरीका के हवाले किया था।
* 11 जुलाई को ‘नेपाल’ पुलिस ने ‘काठमांडू’ में नशा तस्करी के आरोप में 2 भारतीयों ‘इकबाल खान’ तथा ‘राम दयाल शर्मा’ समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया। इनसे 300 ग्राम हैरोइन व अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गईं।
* 12 जुलाई को ‘मालदीव’ सरकार ने ‘माले’ में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के विरुद्ध अभियान में भारतीयों सहित 32 लोगों को हिरासत में लिया।
* 17 जुलाई को अमरीकी जांच एजैंसी एफ.बी.आई. ने ‘जग्गू भगवानपुरिया’ के गैंगस्टर ‘नितीश कौशल’ को वर्मोंट से गिरफ्तार किया। नितीश पर अमरीका में हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, जबरन वसूली जैसे कई अपराध दर्ज हैं।
* 26 जुलाई को ‘ओंटारियो’ (कनाडा) में सीमा पार चल रहे एक बड़े नशा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करके ‘बार्डर सर्विसेज एजैंसी’ ने 22 स्थानों पर छापेमारी करके 13 पंजाबियों समेत भारतीय मूल के कई ट्रक ड्राइवरों सहित 19 लोगों को गिरफ्तार करके उनके पास से 139 मिलियन डालर मूल्य के 1.7 टन अवैध नशीले पदार्थ तथा 17 खतरनाक हथियार जब्त किए।
* 28 जुलाई को ‘ओंटारियो’ (कनाडा) में भारतीय मूल के एक टैक्सी ड्राइवर मनदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। ‘हाल्टन रीजनल पुलिस सॢवस’ ने उसके विरुद्ध 2 आरोप दर्ज किए हैं। मनदीप सिंह ने 2 मौकों पर एक महिला के विरोध करने के बावजूद उसके साथ अनुचित व्यवहार किया।
* 29 जुलाई को ही ‘बैंकाक’ (थाईलैंड) पुलिस ने एक होटल से 5 भारतीयों को गिरफ्तार किया। इन पर आरोप है कि इन्होंने सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर 3 भारतीय पर्यटकों को पटाया, बंधक बनाया, प्रताडि़त किया और उनसे 70 लाख रुपयों की फिरौती मांगी।
* 29 जुलाई को ‘मैसाचुसेट्स’ (अमरीका) की फैडरल कोर्ट ने गुजराती मूल के 40 वर्षीय भारतीय नागरिक ‘मितुल पटेल’ को वीजा धोखाधड़ी और दुकानों में नकली डकैती की साजिश रचने के जुर्म में अमरीका से डिपोर्ट करने का आदेश सुनाया।
* 30 जुलाई को ‘विस्कॉन्सिन’ (अमरीका) की फैडरल कोर्ट ने 22 वर्षीय भारतीय नागरिक ‘रोशन शाह’ को भारत में बैठे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अमरीकी बुजुर्गों को डराकर उनसे पैसे और सोना वसूलने के आरोप में 4 वर्ष कैद की सजा सुनाई। उसने 15 पीड़ितों से करोड़ों डालर की ठगी की थी। विदेश में बसने वाला हर भारतीय उस देश में भारत के एम्बैसेडर के रूप में ही काम करता है लेकिन विदेशों में बसे चंद भारतीयों के इस तरह के काले कारनामों से निश्चित तौर पर भारत की छवि धूमिल होती है। लिहाजा विदेश जाने और वहां बसने वाले भारतीयों को इस तरह का कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे देश की छवि पर आंच आए।



