Jharkhand Student Protest: 5 घंटे चली बैठक, CBI जांच पर नहीं बनी बात, 10 अगस्त को होगा विधानसभा घेराव

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत खत्म हो गई। करीब 5 घंटे तक चली इस लंबी बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। छात्रों की सबसे बड़ी मांग परीक्षाओं की जांच CBI को सौंपने की थी, लेकिन सरकार के साथ इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
CID और ED करेगी मामलों की जांच
बैठक के बाद झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार ने दोतरफा जांच का फैसला लिया है। 14वीं JPSC और बैकलॉग भर्तियों में हुई गड़बड़ी के आपराधिक पहलुओं की जांच CID करेगी, जबकि पैसों के अवैध लेन-देन के मामलों की जांच के लिए ED से अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा, मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा और 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। भविष्य के सुधारों के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के एक्सपर्ट्स की एक कमेटी भी बनाई जाएगी।
CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार का रुख
मंत्री ने स्पष्ट किया कि CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पूरी नहीं की जा सकती, क्योंकि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हुई थी और सफल उम्मीदवार पहले ही नौकरी में आ चुके हैं। इसे एकतरफा रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है। सरकार ने जांच की देखरेख के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे छात्रों ने खारिज कर दिया। सरकार का मानना है कि उसने छात्रों की 98% मांगें मान ली हैं।
CBI जांच से कम कुछ मंजूर नहीं
दूसरी तरफ, सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद छात्र नेता कुणाल ने साफ कहा कि आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य मांग CBI जांच की है और हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे।” उन्होंने ऐलान किया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।



