जिनपिंग का अमेरिका दौरा LIVE: ट्रंप-मेलानिया ने एयरपोर्ट पर चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया

जिनपिंग का अमेरिका दौरा LIVE: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ने ज्वाइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट जाकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया। जिनपिंग के अमेरिका दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
ट्रंप-जिनपिंग की बैठक पर भारत की पैनी नजर क्यों?
भारत के लिए ट्रंप-शी के बीच होने वाला शिखर सम्मेलन बेहद अहम रहने वाला है। नई दिल्ली इस बैठक पर कई आर्थिक, औद्योगिक और भू-राजनीतिक वजहों से करीब से नजर रखेगा। दरअसल, भारत के सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र चीन से मिलने वाले रेयर अर्थ मैग्नेट और अहम खनिजों पर निर्भर हैं, जिसका चीन सबसे बड़ा स्रोत है। अगर बैठक सफल रहती है तो दुनिया के लिए दुर्लभ खनिज पाने का रास्ता खुला रहेगा।
छह माह में दूसरी बार जिनपिंग-ट्रंप मुलाकात
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे का एक खास पहलू ये भी हैू कि दोनों नेता एक साल से भी कम समय में दूसरी द्विपक्षीय बातचीत करने के लिए जुटे हैं। जिनपिंग ट्रंप के साथ छह महीनों के भीतर दूसरी बार मिले रहे हैं। शी के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी अमेरिका पहुंचीं हैं।
04:45 AM, 24-Sep-2026
अमेरिका-चीन संवाद से क्या भारत को भी फायदे?
एक तरफ दुनिया की दो महाशक्तियां अमेरिका में बातचीत की पहल कर रही हैं तो इस पर भारत की भी नजरें हैं। दरअसल, बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब पूरी तरह चीन पर निर्भर रहने का जोखिम नहीं लेंगी, जिससे भारत की एलेक्ट्रोनिक्स व सेमीकंडक्टर पीएलआई योजनाएं आकर्षक बनी रहेंगी। दोनों महाशक्तियों में सीधी बातचीत से एशियाई बाजार और भू-राजनीतिक माहौल में स्थिरता आएगी।
04:20 AM, 24-Sep-2026
अमेरिका और चीन की बैठक: मुख्य एजेंडा क्या?
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच हो रही खतरा और जिनपिंग की बमुलाकाट के दौरान कई प्रेरक सुझावों का विस्तार से बातचीत होने के आसार हैं। बैठक के मुख्य एजेंडे में
टैरिफ, एआई, दुर्लभ खनिज और ताइवान जैसे मुद्दे शामिल हैं।
ट्रंप का टैरिफ और ट्रेड वॉर
- दोनों देशों के बीच जारी व्यापार युद्ध को रोककर एक नया टिकाऊ व्यापार समझौता बनाना मुख्य प्राथमिकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- एडवांस्ड एआई मॉडल्स के सुरक्षा जोखिमों और अमेरिकी सेमीकंडक्टर,चिप निर्यात नियंत्रण पर औपचारिक वार्ता ढांचा तैयार करना।
क्रिटिकल मिनरल्स व रेयर अर्थ्स
- वैश्विक एआई और ग्रीन एनर्जी सप्लाई चेन के लिए जरूरी दुर्लभ खनिजों पर चीनी निर्यात पाबंदियों में ढील।
ताइवान व क्षेत्रीय सुरक्षा
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य संतुलन और ताइवान जलडमरूमध्य में स्थिरता बनाए रखने पर रुख स्पष्ट करना।
वैश्विक तनाव
- मध्य पूर्व संकट (ईरान युद्ध), वैश्विक नशीले पदार्थों की तस्करी (फेनटैनिल) पर नकेल कसने में चीनी सहयोग।



