मध्यप्रदेश

खेतों में काम कर रहे थे किसान, चारों तरफ से आ गया सैलाब, बालाघाट में देवनदी की बाढ़ में फंसे 16 ग्रामीणों को ऐसे बचाया

बालाघाट: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। किरनापुर थाना क्षेत्र में देवनदी की बाढ़ के बीच खेतों में फंसे 16 ग्रामीणों को पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं जिले के कई प्रमुख मार्ग जलमग्न होने और पुल-पुलियों के डूबने से यातायात बाधित हो गया है।

देवनदी की बाढ़ में फंसे थे 16 ग्रामीण

किरनापुर थाना क्षेत्र के भगतपुर गांव में देवनदी में अचानक आई बाढ़ के कारण छोटा पुल पूरी तरह डूब गया। उस समय 16 ग्रामीण खेतों में काम कर रहे थे और वापस लौटने का रास्ता बंद हो गया। सूचना मिलते ही किरनापुर पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद सभी ग्रामीणों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

भानपुर और जरेरा का बालाघाट से संपर्क कटा

लगातार बारिश से जिले के कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं। भानपुर और जरेरा का बालाघाट मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया है। लिंगा से होकर बहने वाली घिसरी नदी की पुलिया डूब जाने से लिंगा-हट्टा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। बैहर क्षेत्र में नदी के उफान के कारण बिठली-सोनगुड्डा मार्ग भी प्रभावित है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कान्हा जाने वाला मार्ग भी बंद

बारिश का असर कान्हा टाइगर रिजर्व तक पहुंच गया है। गढ़ी-चिल्पी राज्य राजमार्ग पर टोपला के आगे और कुरकुटी बैरियर के पहले स्थित पुरानी पुलिया तेज बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर जोन की ओर जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

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