पश्चिम निमाड़ में मानसून की ‘आफत’! खरगोन में आकाशीय बिजली गिरने से 2 की मौत, बड़वानी में ट्रैक्टर बहा किसान

खरगोन: मध्य प्रदेश के पश्चिम निमाड़ में मानसून की वापसी राहत के साथ आफत भी लेकर आई। सोमवार शाम खरगोन जिले में आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक सेंटिंग कारीगर और एक महिला की मौत हो गई, जबकि पड़ोसी बड़वानी जिले में उफनते नाले में ट्रैक्टर समेत बहे किसान का शव घटनास्थल से 10 किलोमीटर दूर आज रात्रि मिल गया।
पुलिस के अनुसार, खरगोन के सनावद रोड स्थित निमाड़ शोरूम के पीछे निर्माणाधीन भवन की छत पर काम कर रहे 30 वर्षीय सेंटिंग कारीगर राधेश्याम सोनारिया पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। गंभीर रूप से झुलसे राधेश्याम को साथी मजदूर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दूसरी घटना दसनावल गांव में हुई। 30 वर्षीय केनूबाई घर से चूल्हे के लिए लकड़ी लेने निकली थीं। शाम करीब चार बजे घर से कुछ दूरी पर अचानक आकाशीय बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। केनूबाई अपने पीछे तीन वर्षीय बेटे को छोड़ गई हैं।
ट्रैक्टर सहित बहे वर्षीय किसान
इधर, बड़वानी जिले के नागलवाड़ी थाना क्षेत्र के पीपरखेड़ नाले में रविवार शाम ट्रैक्टर सहित बहे 38 वर्षीय किसान बंसीलाल का शव मंगलवार रात मिल गया । नागलवाड़ी के सब इंस्पेक्टर कमल किशोर चौहान ने बताया कि NDRF ने सोमवार को पूरे दिन सर्च अभियान चलाया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी । हालांकि, ट्रैक्टर घटना स्थल से करीब 400 फीट दूर बरामद हो गया था. आज रात्रि 9:00 बजे बंसीलाल का शव घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर देवनाली के पास मिला.
मौसम खराब, सुरक्षित जगह शरण लेना ही सबसे सुरक्षित
सोमवार की बारिश ने जहां लंबे समय से गर्मी और पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाई, वहीं आकाशीय बिजली की दो घटनाओं ने मानसून के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत भी उजागर कर दी। विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, निर्माणाधीन भवनों की छत, पेड़ों के नीचे और खेतों में काम करने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।



