छत्तीसगढ़

17 हजार क्विंटल धान हेराफेरी मामले में लंबे समय से फरार तत्कालीन केंद्र प्रभारी और सेल्समैन गिरफ्तार

पिथौरा। महासमुंद जिले के बसना पुलिस ने धान खरीदी केंद्र पिरदा में हुए 4.50 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपी तत्कालीन खरीदी केंद्र प्रभारी और सेल्समैन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर वर्ष 2020-21 में 17,210.72 क्विंटल धान की हेराफेरी कर शासन को 4 करोड़ 50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, बसना थाना में धारा 420, 409 एवं 34 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दर्ज अपराध मामले में पुलिस जांच कर रही थी। मामले में पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जा चुका है, जबकि शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी थी। इसी क्रम में विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 8 जून 2026 को दो मुख्य फरार आरोपी कन्हाई सेठ और राजकुमार पटेल को गिरफ्तार किया।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। वहीं, जांच के दौरान संकलित दस्तावेजों से भी गबन में उनकी संलिप्तता प्रमाणित पाई गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

क्या है मामला

27 मार्च 2024 को प्रार्थी राजेश कुमार सिदार ने थाना बसना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वर्ष 2020-21 में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिरदा के धान उपार्जन केंद्र में 17,210.72 क्विंटल धान की हेराफेरी कर लगभग 4.50 करोड़ रुपये का गबन किया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

कन्हाई सेठ (59 वर्ष), पिता सुरेन्द्र सेठ, निवासी रोहिना, महासमुंद (तत्कालीन व्यवस्थापक एवं खरीदी केंद्र प्रभारी, धान उपार्जन केंद्र पिरदा)

राजकुमार पटेल (42 वर्ष), पिता रेशम लाल पटेल, निवासी बरेकेल, जिला महासमुंद (तत्कालीन सेल्समैन, धान उपार्जन केंद्र समिति पिरदा)

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