सांप ने 120 सेकेंड में महिला को 5 बार डसा, नर्मदापुरम के डॉक्टर्स ने 35 एंटी-वेनम देकर बचाई जान

नर्मदापुरम: बरसात के दिनों में सांपों का बिलों से निकलकर घरों में छिपना आम बात है, लेकिन मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से सामने आया यह मामला आपके रोंगटे खड़े कर देगा। जिले के झील पिपरिया गांव में एक महिला के साथ ऐसी घटना घटी जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। घर के अंदर सुरक्षित समझी जाने वाली रसोई में एक पांच फीट लंबा जहरीला सांप छिपा बैठा था, जिसने पलक झपकते ही महिला को अपना शिकार बना लिया।
दो मिनट में पांच बार डंसा, हाथ से लिपट गया सांप
यह सनसनीखेज घटना 13 जुलाई की है। पिपरिया की रहने वाली 37 साल की राधा बाई दोपहर करीब साढ़े बारह बजे अपने घर के किचन में अलमारी साफ कर रही थीं। बर्तनों के पीछे एक पांच फुट लंबा जहरीला सांप छिपा हुआ था। जैसे ही उन्होंने एक कटोरी उठाई, सांप ने उनके हाथ पर हमला कर दिया। सांप राधा बाई के हाथ से ऐसा लिपटा कि जब तक वह उसे झटककर दूर करतीं, तब तक वह उनके दाहिने हाथ में एक-दो नहीं बल्कि पूरे पांच बार डंस चुका था। इस भयानक हमले के तुरंत बाद राधा बाई बेहोश होकर गिर गईं।
अस्पताल ले जाने के बजाय पहुंचे झाड़-फूंक कराने
सर्पदंश के बाद परिवार की घबराहट उस वक्त भारी गलती में बदल गई जब पति सुखराम अहिरवार और अन्य परिजन घायल महिला को फौरन डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय झाड़-फूंक करने वाले के पास पहुंच गए। दोपहर करीब एक बजे हुई इस लापरवाही के चलते जहर महिला के पूरे हाथ में तेजी से फैलने लगा और हाथों की सूजन खतरनाक स्तर तक बढ़ने लगी। जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और महिला की जान पर बन आई, तब जाकर परिजनों को होश आया और वे उसे पिपरिया सिविल अस्पताल लेकर भागे।
अस्पताल पहुंचते ही बीपी पहुंचा 200, डॉक्टरों ने झोंकी ताकत
पिपरिया सिविल हॉस्पिटल की इमरजेंसी में जब राधा बाई को लाया गया, तब उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही महिला का ब्लड प्रेशर बढ़कर 200 तक पहुंच चुका था, उनकी आंखें बंद हो चुकी थीं और हाथ में भारी सूजन आ गई थी। डॉक्टर देवेंद्र अहिरवार और उनकी मेडिकल टीम ने बिना एक पल गंवाए पहले 40 मिनट के भीतर ही 10 एंटी-स्नेक वेनम (ASV) के इंजेक्शन दे दिए।
जहर को पूरी तरह बेअसर करने के लिए डॉक्टरों ने अगले 24 घंटों के दौरान कुल 35 एंटी-स्नेक वेनम के इंजेक्शन महिला को लगाए। हाथ के टिश्यूज पर बढ़ रहे दबाव और सूजन को कम करने के लिए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उंगली की सफल सर्जरी की गई। 24 घंटे की कड़ी निगरानी के बाद आखिरकार उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।



