राजनीति

 वाईएस शर्मिला, सुप्रिया श्रीनेत या फिर पवन खेड़ा? राज्यसभा के लिए कांग्रेस क्या ‘बाहरी’ पर खेलेगी दांव

नई दिल्ली: कांग्रेस आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए कर्नाटक से बाहर के नेताओं पर दांव खेल सकती है। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की ओर से 18 जून को होने वाले द्विवार्षिक चुनावों में राज्यसभा की चार सीटों में से तीन सीटें जीतने की संभावना है। ऐसे में पार्टी हाईकमान द्वारा राज्य के बाहर से किसी कांग्रेस नेता को नामित करने पर विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस रेस में तीन नाम सबसे आगे चल रहे हैं। ये हैं वाईएस शर्मिला , सुप्रिया श्रीनेत और पवन खेड़ा।

वाईएस शर्मिला राज्यसभा की रेस में सबसे आगे!

द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के बाहर के तीन नेता वाईएस शर्मिला, सुप्रिया श्रीनेत और पवन खेड़ा कर्नाटक से राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क साध रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा शर्मिला की हो रही है। शर्मिला भी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं।

शर्मिला ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में किया था विलय

जनवरी 2024 में शर्मिला ने अपनी वाईएसआर तेलंगाना पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हो गईं। उन्हें उम्मीदवारों में सबसे आगे माना जा रहा है।

सुप्रिया श्रीनेत: मुखरता से करती हैं कांग्रेस का बचाव

सुप्रिया श्रीनेत फिलहाल कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन की प्रेसीडेंट हैं और पार्टी की एक प्रमुख प्रवक्ता हैं। वह अक्सर टीवी पर होने वाली डिबेट में कांग्रेस के पक्ष में बेहद मुखरता से बोलती हैं।

पवन खेड़ा: हिमंता की पत्नी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी से सुर्खियों में

पवन खेड़ा हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी द्वारा उनके खिलाफ दायर एक मामले के संबंध में सुर्खियों में रहे हैं। हाल ही में वह NEET पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए दिखे थे।

कर्नाटक से आउटसाइडर को चुने जाने का इतिहास

  • कर्नाटक में राज्य के बाहर के नेताओं को राज्यसभा के लिए चुने जाने का इतिहास रहा है। 2024 में कांग्रेस ने दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन को उच्च सदन के लिए मनोनीत किया था। भाजपा ने भी राज्य से गैर-कर्नाटक नेताओं को मैदान में उतारा था, जिनमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी शामिल थीं।
  • निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डी.के. शिवकुमार अगले कुछ दिनों में नई दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ परामर्श के दौरान राज्यसभा के लिए पार्टी के उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की उम्मीद है।

कुछ नेता सिद्धारमैया को भेजने के पक्ष में

रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने के पक्ष में हैं। हालांकि, सिद्धारमैया ने यह साफ कर दिया है कि वह राज्य की राजनीति में सक्रिय रहना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के राज्यसभा के लिए फिर से चुनाव लड़ने की उम्मीद है।

लिंगायत समुदाय से बसवराजु भी मजबूत दावेदार

  • अगर कांग्रेस परिषद (केपीसीसी) वीरशैव-लिंगायत समुदाय से उम्मीदवार नामित करने का फैसला करती है, तो उसके महासचिव बसवराजु एपी को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पिछले लगभग 25 वर्षों में कर्नाटक से इस समुदाय का कोई भी कांग्रेस नेता राज्यसभा के लिए निर्वाचित नहीं हुआ है।
  • वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद का विधान परिषद में कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है। हालांकि राज्यसभा नामांकन के लिए उनके नाम पर भी चर्चा चल रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार वे विधान परिषद में एक और कार्यकाल हासिल करने के इच्छुक हैं और नई सरकार में मंत्री पद के लिए भी पैरवी कर रहे हैं।

विधानसभा सीटों के लिए चुनाव

विधानसभा निर्वाचक मंडल की सात विधानसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को होंगे। सूत्रों के अनुसार, चूंकि पार्टी राज्य में सत्ता में है, इसलिए नेता राज्यसभा सदस्य बनने के बजाय एमएलसी बनने के लिए जोरदार पैरवी कर रहे हैं। सात सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं। सत्ताधारी पार्टी को आराम से चार सीटें जीतने की उम्मीद है।

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