संपादकीय

‘विशेष लोग-आत्महत्याएं कर रहे’ चुनौतियों से घबराकर!

नैशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो’ के आंकड़ों के अनुसार 2024 में देश में विभिन्न कारणों से 17,0746 व्यक्तियों ने आत्महत्या की। यह ट्रैंड अब भी रुक नहीं रहा है और विशेष परिवारों के प्रभावशाली लोग भी आत्महत्याएं कर रहे हैं जिसकी इसी वर्ष सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं : 

* 14 जनवरी को ‘प्रयागराज’ (उत्तर प्रदेश) में रिटायर्ड आई.ए.एस. अधिकारी ‘श्रीचंद्र’ के 22 वर्षीय बेटे ‘हिमांशु’ ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ‘हिमांशु’ ने घटना से लगभग दो महीने पहले ही प्रेम विवाह किया था। शुरूआती जांच में बेरोजगारी और पत्नी से विवाद के कारण मानसिक तनाव की बात सामने आई थी। 
* 2 फरवरी को ‘लखनऊ’ (उत्तर प्रदेश) में भाजपा विधायक ‘विनय कुमार’ के भतीजे ‘शिवम त्रिपाठी’ ने अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, वह प्रॉपर्टी के काम से जुड़ा हुआ था और बिजनैस पार्टनर द्वारा धोखा देने व आर्थिक तंगी से मानसिक तनाव में था। 

* 2 मई को ‘दिल्ली’ के एक 30 वर्षीय जज ‘अमन कुमार शर्मा’ ने ‘सफदरजंग’ स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार वह गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। 
‘अमन कुमार शर्मा’ के पिता प्रेम कुमार एडवोकेट ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने फोन पर उन्हें बताया था कि वह अपनी जिंदगी से तंग आ गए हैं और उनके लिए जिंदा रहना मुश्किल हो गया है। परिवार के एक सदस्य के अनुसार ‘अमन कुमार शर्मा’ का अपनी पत्नी से तनाव चल रहा था और उन्हें 2 महीनों से परेशान किया जा रहा था।

* 7 जून को ‘जालौन’ (उत्तर प्रदेश) में पूर्व मंत्री तथा राज्यसभा सांसद ‘श्रीराम पाल’ के भतीजेे ‘जयसिंह पाल’ ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव बुंदेलखंड एक्सप्रैस-वे के निकट एक नीम के पेड़ के नीचे पड़ा मिला। 
* 24 अगस्त को ‘सूरत’ (गुजरात) के ‘कदोदरा’ क्षेत्र में ‘भाजपा महिला मोर्चा’ की मंडल उपाध्यक्ष ‘शशि सिंह’ की बहू ‘निधि’ ने आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के दौरान ‘निधि’ के कपड़ों से एक सुसाइड नोट भी मिला। 
निधि के भाई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, वह अपने पति ‘सौरभ सिंह’ के किसी अन्य महिला से संबंधों और प्रताडऩा के कारण गहरे तनाव में थी, जिसके बाद पुलिस ने ‘सौरभ सिंह’ और उसकी महिला मित्र के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।

* 25 अगस्त को ‘बागपत’ (उत्तर प्रदेश) में भाजपा के पूर्व मंडल मंत्री ‘सहदेव सिंह’ के बेटे ‘नीरज’ की पत्नी मायके से नहीं आई तो ‘नीरज’ ने घर में पंखे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने ‘नीरज’ की पत्नी ‘अंजलि’ समेत 9 लोगों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकद्दमा दर्ज किया। 
* 1 सितम्बर को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ‘ममता बनर्जी’ की भतीजी ‘बृष्टिï मुखर्जी’ ने ‘कुसुम्बा’ गांव स्थित अपने मकान में फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। वह राज्य के ‘बोलपुर अपनर प्राइमरी स्कूल’ में नान-टीङ्क्षचग पद पर तैनात थी। बताया जाता है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण नौकरी छिन जाने के कारण डिप्रैशन में थी। 

* 5 सितम्बर को ‘नवी मुंबई’ (महाराष्ट्र) के ‘रबाले एम.आई.डी.सी. पुलिस स्टेशन’ में तैनात असिस्टैंट सब-इंस्पैक्टर ‘पी.एस. पाटिल’ ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें विभाग के ही कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नामों का उल्लेख करते हुए उनके प्रति ‘विभागीय अन्याय’ किए जाने और उन पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे। 
* 6 सितम्बर को ‘नोएडा’ (उत्तर प्रदेश) में दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के रिटायर्ड आई.ए.एस. अधिकारी ‘राकेश मेहता’ ने अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक पेज का सुसाइड नोट मिला, जिसमें अपनी बढ़ती उम्र, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं व मानसिक तनाव को इस कदम का कारण बताया था।आत्महत्याओं के अधिकांश मामलों में किसी व्यक्ति में असामान्य व्यवहार, हताशा और निराशा के संकेत दिखाई देने पर उनके परिजनों को उन्हें सहारा और हौसला देना चाहिए ताकि वे ऐसे कदम उठाने की न सोचें।

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