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आज है अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष कालाष्टमी, 8 जून के पंचांग में शुभ अशुभ समय और राहुकाल

Aaj Ka Panchang 08 June 2026: आज 08 जून 2026 दिन सोमवार है. महावीर पंचांग के अनुसार अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि रात 09 बजकर 48 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि आरम्भ हो जाएगी. आज सूर्योदय कालीन ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा कुम्भ राशि में हैं. बुध और शुक्र मिथुन राशि में मौजूद हैं. सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं. मंगल मेष राशि में स्थित हैं. शनि मीन राशि में मौजूद हैं. राहु कुंभ राशि में स्थित हैं. देव गुरु बृहस्पति कर्क राशि में हैं तथा केतु सिंह राशि में विराजमान हैं. आइए जानते है ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्रबाहु: से आज का पंचांग

आज का पंचांग 08 जून 2026 दिन सोमवार

तिथि: अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अष्टमी रात-09:48 बजे तक. उपरांत नवमी तिथि
श्री शुभ संवत-2083
शाके-1948
हिजरी सन-1447-48
सूर्योदय-04:58
सूर्यास्त-06:39
सूर्योदय कालीन नक्षत्र- पूर्वा भाद्रपद उपरांत उत्तरा भाद्रपद, योग – विष्कुम्भ, करण- वालव उपरांत कौलव

सूर्योदय कालीन ग्रह विचार

सूर्य- वृषभ राशि
चंद्रमा- कुम्भ राशि
मंगल- मेष राशि
बुध- मिथुन राशि
गुरु-कर्क राशि
शुक्र- मिथुन राशि
शनि- मीन राशि
राहु-कुम्भ राशि
केतु-सिंह राशि

आज दिन का चौघड़िया (पटना)

अमृत – सर्वोत्तम: 04:58 Am से 06:41 Am
काल – हानि: 06:41 Am से 08:23 Am
शुभ – उत्तम: 08:23 Am से 10:06 Am
रोग – अमंगल: 10:06 Am से 11:49 Am
उद्वेग – अशुभ: 11:49 Am से 01:31 Pm
चर – सामान्य: 01:31 Pm से 03:14 Pm
लाभ – उन्नति: 03:14 Pm से 04:57 Pm
अमृत – सर्वोत्तम: 04:57 Pm से 06:39 Pm

आज का शुभ समय (मुहूर्त)

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:35 Am से 04:17 Am
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:21 Am से 12:16 Pm
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:06 Pm से 03:00 Pm

आज का अशुभ समय (मुहूर्त)

राहुकाल: सुबह 06:41 Am से 08:23 Am
यमगण्ड: सुबह 10:06 Am से 11:49 Am
गुलिक काल: दोपहर 01:31 Pm से 03:14 Pm

उपाय: आज कालाष्टमी (ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी) है. यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप, काल भैरव को समर्पित है. इस दिन व्रत रखने और काल भैरव की पूजा करने से भय, शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है. कालाष्टमी के दिन काल भैरव की कृपा पाने के लिए अपनी श्रद्धा और समय के अनुसार “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं. पूजा के समय रुद्राक्ष की माला से कम से कम 108 बार जाप करना सबसे उत्तम माना जाता है.

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