MPSC पेपर लीक में मयूर ठाकरे भी गिरफ्तार, 8 आरोपी जांच के घेरे में

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच तेज हो गई है. मामले में पुलिस ने अब मयूर ठाकरे को भी हिरासत में लिया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मयूर को नंदुरबार से हिरासत में लिया गया. मयूर को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा.
इससे पहले पुलिस ने सातवीं रैंक हासिल करने वाली उम्मीदवार रितुजा पाटिल को गिरफ्तार किया था. बुधवार (2 सितंबर) को रितुजा को पहले गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों के साथ कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने रितुजा को 5 सितंबर तक, जबकि बाकी छह आरोपियों को 7 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
अब तक सामने आए आरोपी
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते, अभिजीत गणपतराव लेडवे, गोपाल भु मराठे, प्रविण दिलीप पाटील, अमृत नामदेव पाटील, लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटील शामिल हैं. इसके बाद रितुजा अमृत पाटील को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मयूर ठाकरे को हिरासत में लिया गया है. इस तरह जांच के दायरे में अब कुल आठ लोगों के नाम सामने आ चुके हैं.
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पेपर लीक के नेटवर्क, प्रश्नसंच (Quiz) की चोरी, उसके लेन-देन और आरोपियों के बीच हुए कथित आर्थिक व्यवहार को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं.
154 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की ओर से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में औषध निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B) के 154 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी. यह स्क्रीनिंग परीक्षा 22 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के छह परीक्षा केंद्रों पर हुई थी. परीक्षा के बाद पात्र उम्मीदवारों की सूची जारी की गई थी और आगे की प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी आयोजित किए गए. हालांकि, परीक्षा के पेपर लीक और उसमें धांधली के आरोप सही पाये जाने के बााद पेपर को ही रद्द कर दिया गया.
294 सवाल चोरी कर बनाया गया था अलग प्रश्नसंच
क्राइम ब्रांच की जांच में आरोप सामने आया है कि परीक्षा के लिए विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रश्नों में से 294 प्रश्न चोरी किए गए थे. इन प्रश्नों का कथित तौर पर एक अलग प्रश्नसंच (Quiz) तैयार किया गया और उसे परीक्षा से पहले संबंधित लोगों तक पहुंचाया गया.
जांच में सबसे अहम बात यह सामने आई कि कथित तौर पर लीक किए गए प्रश्नसंच में से 77 सवाल वास्तविक औषध निरीक्षक परीक्षा में पूछे गए थे. पुलिस के मुताबिक MPSC को मिली शिकायत और बाद की जांच में इस बात की पुष्टि हुई.
10 लाख रुपये में पेपर का कथित सौदा
जांच के दौरान पेपर के बदले कथित आर्थिक लेन-देन का भी पता चला है. पुलिस के अनुसार, प्रश्नसंच के लिए 10 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था और इसमें से करीब 5 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बाकी रकम का भुगतान हुआ या नहीं और इस पूरे लेन-देन में किन-किन लोगों की भूमिका थी.
MPSC के कर्मचारी पर प्रश्न चोरी करने का आरोप
मामले में गिरफ्तार विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते पर गंभीर आरोप हैं. जांच के मुताबिक वो MPSC में औषध निरीक्षक परीक्षा के प्रश्न तैयार करने की प्रक्रिया में समन्वय अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था. आरोप है कि उसने विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए 294 प्रश्नों को चोरी कर अलग प्रश्नसंच तैयार किया. इसके बाद यह प्रश्नसंच MPSC के अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेडवे तक पहुंचा. पुलिस के मुताबिक लेडवे ने कथित तौर पर प्रश्नसंच गोपाल मराठे को दिया और इसके बाद यह आगे प्रविण पाटील तक पहुंचा.
परीक्षा से दो दिन पहले प्रश्नसंच पहुंचने का दावा
जांच में सामने आए डिजिटल सबूत पुलिस के लिए अहम माने जा रहे हैं. आरोपी लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटील के मोबाइल की जांच के दौरान रितुजा अमृत पाटील के साथ हुई कथित WhatsApp चैट सामने आई. पुलिस के अनुसार, इस चैट से पता चलता है कि 20 मार्च 2026 को, यानी 22 मार्च को होने वाली परीक्षा से सिर्फ दो दिन पहले, औषध निरीक्षक परीक्षा का प्रश्नसंच लोकेश को भेजा गया था. अब रितुजा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे प्रश्नसंच कैसे मिला, उसने किसके जरिए इसे आगे पहुंचाया और इस पूरे नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका थी.
रितुजा को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया
पुलिस ने रितुजा अमृत पाटील को गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को उसे मामले में पहले से गिरफ्तार छह आरोपियों के साथ अदालत में पेश किया. अदालत ने रितुजा को 5 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा है. वहीं, पहले से गिरफ्तार छह आरोपियों की पुलिस हिरासत 7 सितंबर तक बढ़ाई गई है.
अब मयूर ठाकरे भी पुलिस हिरासत में
इस मामले में पहले मयूर ठाकरे को पुलिस ने फरार/वांछित आरोपी के तौर पर तलाशना शुरू किया था. जांच में आरोप है कि अमृत पाटील की मध्यस्थता से मयूर ठाकरे के जरिए औषध निरीक्षक परीक्षा का प्रश्नसंच हासिल किया गया था.
अब पुलिस ने मयूर ठाकरे को हिरासत में ले लिया है. उसे आज अदालत में पेश किया जाएगा. उसकी हिरासत के बाद पुलिस को पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और प्रश्नसंच की सप्लाई चेन के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है.
लैपटॉप तोड़कर पानी में फेंकने का आरोप
जांच में डिजिटल सबूत नष्ट करने की कोशिश के भी आरोप सामने आया है. पुलिस के मुताबिक प्रश्नों को तैयार करने के लिए जिस लैपटॉप का इस्तेमाल किया गया था, उसे बाद में तोड़कर पानी में फेंक दिया गया. पुलिस ने आरोपी के बताए स्थान से लैपटॉप बरामद किया है. अब साइबर विशेषज्ञों की मदद से उसमें मौजूद डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है.
पुराने मोबाइल फोन को लेकर भी पुलिस को शक
पुलिस के मुताबिक आरोपी अभिजीत लेडवे और प्रविण पाटील से उनके पुराने मोबाइल फोन मांगे गए थे. दोनों ने कथित तौर पर बताया कि पुराने मोबाइल खराब होने के बाद उन्होंने उन्हें फेंक दिया था. पुलिस को शक है कि इन मोबाइल फोन में पेपर लीक से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत हो सकते हैं. इसलिए आरोपियों के पुराने मोबाइल और मौजूदा मोबाइल की तकनीकी जांच की जा रही है.
पैसों के लेन-देन की भी जांच
जांच में सामने आया है कि प्रश्नसंच के लिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये का सौदा हुआ था. पुलिस के मुताबिक गोपाल मराठे के जरिए अभिजीत लेडवे तक रकम पहुंचाई गई और इसके बाद प्रश्नसंच प्रविण पाटील तक पहुंचा. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर दिए गए पैसों का स्रोत क्या था और पेपर लीक से जुड़े अन्य उम्मीदवारों या लोगों तक रकम पहुंची थी या नहीं.
ब्रांच के सामने अब कई बड़े सवाल
मयूर ठाकरे की हिरासत और रितुजा की गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आखिर 294 प्रश्न किस तरह चोरी किए गए?, इसे तैयार करने में किस-किस की भूमिका थी?, परीक्षा से पहले प्रश्नसंच कितने लोगों तक पहुंचा?, कथित 10 लाख रुपये का पूरा लेन-देन किस तरह हुआ?, प्रश्नसंच के आधार पर किन उम्मीदवारों को फायदा पहुंचा? इसके अलावा डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश किसने और क्यों की और इस नेटवर्क में अभी और कितने लोग शामिल हैं, पुलिस इसका पता लगाने की कोशिश करेगी.



