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अब प्राइवेट नहीं रहा इंस्टाग्राम DM, मेटा पढ़ सकता है आपकी सारी पर्सनल चैट!

Instagram: इंस्टाग्राम पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन 8 मई 2026 से खत्म हो गया है. इसका मतलब यह है कि जो मैसेज आप किसी दोस्त, पार्टनर या बिजनेस कॉन्टैक्ट को भेजते थे, वह अब पूरी तरह प्राइवेट नहीं रहा. दरअसल, इंस्टाग्राम ने अपने यूजर्स के बीच डायरेक्ट मैसेज में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटा दिया है और अब मेटा संभावित रूप से सभी यूजर्स के बीच मैसेज का कंटेंट देख सकता है. यह कदम इंस्टाग्राम के करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा झटका है. बता दें कि भारत में 50 करोड़ से ज्यादा लोग इंस्टाग्राम इस्तेमाल करते हैं?

पहले क्या था E2EE, इसका क्या मतलब?

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वह तकनीक है, जो आपके मैसेज को आपके फोन से निकलते ही लॉक कर देती है और सिर्फ उस इंसान के फोन पर खुलती है, जिसे आपने भेजा है. एन्क्रिप्शन के साथ मैसेज का कंटेंट सेंडर के डिवाइस से निकलते ही सुरक्षित हो जाता था और रिसीवर के डिवाइस पर पहुंचने तक कोई नहीं पढ़ सकता था. इसका मतलब था कि मेटा खुद भी नहीं. इंस्टाग्राम पर एन्क्रिप्शन दिसंबर 2023 में एक ऑप्शनल फीचर के रूप में लाया गया था, लेकिन यह कभी डिफॉल्ट नहीं बना. यूजर्स को इसे खुद जाकर चालू करना पड़ता था. यह वह पहली गलती थी, जिसने इस फीचर का दम घोंट दिया.

अब क्या बदला और क्यों?

8 मई के बाद से आपका हर इंस्टाग्राम DM मेटा स्कैन कर सकता है. वह मैसेज का कंटेंट पढ़ सकता है. पॉलिसी वायलेशन के लिए बातचीत को फ्लैग कर सकता है. आप किस बारे में बात कर रहे हैं, उसके आधार पर विज्ञापन दिखा सकता है और कानूनी मांग पर सरकार को सब कुछ दे सकता है. मेटा का आधिकारिक जवाब है कि बहुत कम लोग इंस्टाग्राम DM में E2EE ऑप्ट-इन कर रहे थे, इसलिए यह ऑप्शन हटाया जा रहा है. वहीं, जो लोग एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग चाहते हैं, वे  व्हाट्सएप पर जा सकते हैं.

क्या है असली वजह?

डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेटा ने एन्क्रिप्शन सेफ्टी की वजह से नहीं, बल्कि बिजनेस डिसीजन के तहत हटाया है. टाइमिंग पर गौर करें तो अमेरिका में Take It Down Act 19 मई 2026 से लागू होने वाला है, जिसके तहत प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक कंटेंट 48 घंटे में हटाना होगा. एन्क्रिप्टेड मैसेज के साथ यह संभव नहीं था. मेटा ने यह कदम उस कानून के लागू होने से ठीक 11 दिन पहले उठाया. दूसरा बड़ा कारण डेटा और विज्ञापन है. मेटा का बिजनेस मॉडल यूजर्स को समझने पर टिका है. एन्क्रिप्टेड मैसेज उस डेटा कलेक्शन मशीन में एक ब्लैक बॉक्स था. इसका मतलब यह है कि अगर आपने किसी को ट्रैकिंग शूज के बारे में मैसेज किया तो इंस्टाग्राम पर आउटडोर गियर के विज्ञापन आने लगेंगे. 

इंस्टाग्राम पहले ही दे चुका जानकारी

दिसंबर 2025 में मेटा ने खुद कहा था कि AI टूल्स के साथ प्राइवेट बातचीत में हुई इंटरैक्शन का उपयोग टार्गेटेड विज्ञापनों के लिए किया जा सकता है. यानी आपकी बातें पहले AI को सिखाने के लिए और फिर आप पर ही विज्ञापन चलाने के लिए इस्तेमाल की जाएंगी.

भारत पर क्या असर पड़ेगा?

भारत इंस्टाग्राम के सबसे बड़े बाजारों में से एक है. E2EE हटने के बाद भारतीय यूजर्स के इंस्टाग्राम DM का कंटेंट मेटा के लिए एक्सेसिबल हो गया है और भारत सरकार कानूनी मांग के जरिए इसे हासिल कर सकती है. DPDP Rules 2025 के तहत मेटा एक डेटा फिडुशियरी है और उसे पर्सनल डेटा प्रोसेस करने से पहले यूजर की सहमति लेनी होगी. E2EE हटाने से मेटा, जो कुछ मैसेज कंटेंट के साथ कर सकता है, वह बुनियादी रूप से बदल गया है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या मेटा का मौजूदा प्राइवेसी नोटिस और कंसेंट मैकेनिज्म DPDP Rules 2025 के तहत सही है?

किन चीजों में आएगा बदलाव?

सरल शब्दों में अगर आप कोई संवेदनशील बात, बिजनेस डील, राजनीतिक राय या पर्सनल बात इंस्टाग्राम DM पर कर रहे थे तो वह अब एक रिस्की जगह बन गई है. E2EE हटने के बाद मेटा के पास इंस्टाग्राम DM का पूरा टेक्स्ट, फोटो-वीडियो, वॉइस कॉल मेटाडेटा और कम्युनिकेशन पैटर्न तक पहुंच है. एन्क्रिप्शन हटने से सिक्योरिटी का खतरा भी बढ़ गया है. दरअसल, जो भी सिस्टम यूजर्स का पठनीय डेटा स्टोर करता है, वह हैकर्स का टार्गेट बन सकता है. E2EE के साथ सर्वर पर भले ही डेटा चोरी हो जाए, वह पढ़ा नहीं जा सकता था. अब यह सुरक्षा कवच खत्म हो गया है. 

अब क्या कर सकते हैं आप?

अगर आपने इंस्टाग्राम पर एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल किया था तो Settings में जाकर Your Activity और फिर Download Your Information सेक्शन से अपने पुराने मैसेज डाउनलोड कर सकते हैं. Meta का यह फैसला यह दिखाता है कि सोशल मीडिया प्राइवेसी कितनी जल्दी बदल सकती है और किसी एक ऐप की सेटिंग पर पूरी तरह निर्भर रहना कितना जोखिम भरा है.

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