‘बंगाल में गुंडाराज का कल्चर…’, BJP सरकार बनने के बाद रामदास आठवले ने लगाए बड़े आरोप

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी पहले ममता बनर्जी के साथ थे, लेकिन साल 2020 में भाजपा में शामिल हो गए. आठवले ने कहा कि बंगाल चुनाव में भाजपा ने उनके नेतृत्व में मजबूती से चुनाव लड़ा और पार्टी को बड़ा समर्थन मिला.
उन्होंने कहा कि भाजपा ने वहां करीब 207 सीटें जीतीं. ममता बनर्जी की पकड़ कमजोर हुई है, और उन्होंने बंगाल को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया है. वह बंगाल में ‘गुंडाराज’ का कल्चर लाईं. इस वजह से लोगों ने वोटिंग के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया है.
उन्होंने कहा कि लोगों ने वोटिंग के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया है. आठवले ने यह भी कहा कि जनादेश आने के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा नहीं दिया, जबकि पहले ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में एम के स्टालिन ने इस्तीफा दिया था.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना बंगाल को “सोनार बांग्ला” बनाना है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर राज्य में सबको न्याय मिलेगा और विकास के नए काम होंगे.
आठवले के मुताबिक बंगाल देश के मजबूत राज्यों में शामिल हो सकता है, लेकिन इसके लिए बेहतर प्रशासन और कानून व्यवस्था जरूरी है. उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा राज्य में विकास और रोजगार पर फोकस करेगी.
महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर भी बोले
रामदास आठवले ने महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रही चर्चा पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट मंत्री Pratap Sarnaik ने मुंबई में रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने की बात कही है.
आठवले ने साफ किया कि इसमें किसी तरह की जबरदस्ती नहीं है. उनका कहना था कि मराठी महाराष्ट्र की राज्य भाषा है, इसलिए वहां रहने वाले लोगों को इसे सीखने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली और भोजपुरी बोलने वाले लोग भी मराठी सीखें तो इससे आपसी समझ और बेहतर होगी.
उन्होंने हाजी अराफात शेख की उस पहल की भी तारीफ की, जिसमें टैक्सी और रिक्शा चालकों को मराठी सिखाने की बात कही गई है. आठवले ने इसे सकारात्मक कदम बताया.
संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पर क्या बोले?
पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी द्वारा गिरफ्तारी को लेकर भी रामदास आठवले ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ED और सीबीआई जैसी एजेंसियां सबूतों के आधार पर काम करती हैं.
उन्होंने कहा कि अगर किसी मंत्री, विधायक या सांसद के खिलाफ कार्रवाई हुई है तो उसके पीछे जरूर कानूनी आधार और सबूत होंगे. आठवले ने कहा कि कानून सबसे ऊपर है और जांच एजेंसियां उसी के हिसाब से काम करती हैं.



