एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर तूफान की चपेट में आया, इमरजेंसी लैंडिंग, बड़ा हादसा टला

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर एक तूफान की चपेट में आ गया। तेज हवाओं और धूल भरी आंधी के कारण एकनाथ शिंदे के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। एकनाथ शिंदे मुंबई से मुरबाड जा रहे थे। उपमुख्यमंत्री एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मुरबाड रवाना हुए थे। हालांकि उनका हेलीकॉप्टर तूफान से बुरी तरह प्रभावित हो गया। पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को वापस मुंबई की ओर मोड़ दिया। इसके बाद हेलीकॉप्टर को जुहू हवाई अड्डे पर उतारा गया।
कैसे टली अनहोनी?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स से हेलीकॉप्टर से रवाना हुए थे। वह एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मुरबाड जा रहे थे। हालांकि कल्याण क्षेत्र में शिंदे का हेलीकॉप्टर धूल भरी आंधी की चपेट में आ गया। इस कठिन परिस्थिति के दौरान पायलट ने जबरदस्त सूझबूझ का प्रदर्शन किया। हेलीकॉप्टर लगभग 10 से 15 मिनट तक धूल भरी आंधी में फंसा रहा। शांत रहते हुए पायलट ने हेलीकॉप्टर को वापस मुंबई की दिशा में मोड़ दिया। हेलीकॉप्टर जुहू हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया। शिंदे और हेलीकॉप्टर में सवार अन्य सभी लोग सुरक्षित हैं। पायलट की सूझबूझ की बदौलत एक बड़ा हादसा टल गया।
कल्याण और डोंबिवली में धूल भरी आंधी
मौसम की स्थिति में अचानक बदलाव के कारण गुरुवार शाम लगभग 4:00 बजे दिवा, डोंबिवली, कल्याण, मलंगगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धूल भरी आंधी छा गई। बताया जा रहा है कि शहरी इलाकों में धूल की परत जम जाने के कारण शहर की हवा की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है। पिछले साल भी इसी तरह की धूल भरी आंधी आई थी।
मौसम विभाग ने दिया था अलर्ट
मौसम विभाग ने पहले ही महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहने और बेमौसम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया था। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह पूर्वानुमान सच होता दिख रहा है। जहां राज्य के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश हुई है, वहीं कल्याण, डोंबिवली, दिवा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आज सुबह से ही मौसम गर्म होना शुरू हो गया था। स्थिति को और बिगाड़ते हुए शाम लगभग 4:00 बजे अचानक चली तेज हवाओं ने ठाणे जिले के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को कुछ समय के लिए धूल की मोटी चादर से ढक दिया।
हवा की गुणवत्ता में काफी गिरावट
तेज हवाओं के कारण ठाणे जिले के अलग-अलग शहरों में सड़कों, इमारतों और पेड़ों पर जमा धूल की भारी मात्रा हवा में उड़ गई। इससे कुछ समय के लिए दृश्यता (visibility) कम हो गई। इस बीच पूरे क्षेत्र में धूल की परत छा जाने से शहर के भीतर हवा की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है।



