महिलाओं में क्यों बिगड़ रहे हैं हार्मोन? डॉक्टर बोलीं- सिर्फ सुधारें लाइफस्टाइल, हर बीमारी रहेगी दूर

दिल्ली: आजकल महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन यानी हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या तेजी से बढ़ रही है. अनियमित पीरियड्स, बाल झड़ना, वजन बढ़ना, मूड स्विंग्स और नींद की परेशानी जैसी दिक्कतें अब आम हो गई हैं. इस विषय पर दिल्ली की मशहूर डॉक्टर सुनीता चौधरी ने महिलाओं को आसान भाषा में समझाया कि आखिर हार्मोन क्या होते हैं और इन्हें संतुलित रखने के लिए क्या करना चाहिए.
शरीर में होते हैं कई तरह के हार्मोन
डॉक्टर सुनीता के अनुसार हमारे शरीर में लगभग 50 तरह के हार्मोन होते हैं, जो शरीर को संतुलित रखने का काम करते हैं. महिलाओं में खासतौर पर LH, FSH, प्रोजेस्टेरोन, एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. एस्ट्रोजन पीरियड्स को नियंत्रित करता है, जबकि टेस्टोस्टेरोन शरीर में बालों की ग्रोथ को प्रभावित करता है.
जब हार्मोन असंतुलित होने लगते हैं, तो शरीर कई संकेत देता है. जैसे पीरियड्स का समय पर न आना, वजन बढ़ना, मूड बदलना, ज्यादा बाल झड़ना, चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल आना और नींद खराब होना. डॉक्टर का कहना है कि अगर लगातार 3 महीने तक पीरियड्स नहीं आते, तो यह हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है.
खानपान और लाइफस्टाइल पर दें ध्यान
डॉक्टर सुनीता का कहना है कि सही खानपान और अच्छी दिनचर्या से हार्मोन काफी हद तक संतुलित रह सकते हैं. ताजे और मौसमी फल खाना फायदेमंद होता है. लंबे समय तक स्टोर किए गए या केमिकल वाले फल शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने खाने में साबुत अनाज, दालें, चना, राजमा, छोले, ज्वार और अलग-अलग तरह के आटे शामिल करने चाहिए. इससे पाचन बेहतर होता है और मेटाबॉलिज्म मजबूत बनता है, जिसका असर हार्मोन पर भी पड़ता है.
सीड्स और हेल्दी फैट्स हैं जरूरी
हार्मोन बैलेंस रखने के लिए चिया सीड्स, सब्जा सीड्स, तरबूज के बीज और ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट और काजू फायदेमंद माने जाते हैं. इसके अलावा देसी घी, दही और ताजा छाछ भी शरीर के लिए लाभकारी है.
समय पर सोना और उठना है सबसे जरूरी
डॉक्टर सुनीता के मुताबिक देर रात तक फोन चलाना, ज्यादा कैफीन लेना, जंक फूड खाना और देर से सोना हार्मोन बिगाड़ सकता है. समय पर सोना और सुबह जल्दी उठना शरीर के संतुलन के लिए बेहद जरूरी है. अगर लाइफस्टाइल सुधारने के बाद भी परेशानी बनी रहे, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.



