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AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन: कांग्रेस के 4 कार्यकर्ता गिरफ्तार, 7 की तलाश


नई दिल्ली, इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हुए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने सभी चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. ये सभी इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के नेता हैं और पुलिस ने उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है. चारों आरोपियों की पहचान हो चुकी है. दिल्ली पुलिस IYC के प्रेसिडेंट उदय भानू से पार्लियामेंट थाने पूछताछ भी कर रही है. दिल्ली पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दिल्ली एनसीआर में छापेमारी कर रही है. करीब 15 से ज्यादा वीडियो क्लिप्स के आधार पर तलाशी जारी है.

दिल्ली पुलिस ने FIR में कई गंभीर धाराएं लगाईं 

दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ हाथापाई भी की थी. FIR में कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें सार्वजनिक जगह पर अश्लीलता फैलाना, पुलिस के साथ मारपीट और कानून-व्यवस्था भंग करने जैसे आरोप शामिल हैं. पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने समिट के हॉल नंबर 5 में प्रवेश के लिए पहले से QR कोड बनवाया था और टी-शर्ट को स्वेटर के नीचे छुपाकर अंदर ले गए थे.

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों ने पहले काले छाते पर प्रिंट स्टिकर लगाकर मंडपम में घुसने की प्लॉनिंग की थी. फिर इन्हें लगा कि काले छाते गेट पर चेकिंग के दौरान पकड़े जाएंगे. फिर इन्होंने प्लान बदलकर टी शर्ट पर प्रिंट स्टिकर लगवाए. स्टीकर प्रिंट कहां हुए इसकी जांच चल रही है.

चारों आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान हो चुकी है. इनमें IYC के नेशनल सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट कोऑर्डिनेटर कुंदन यादव, यूपी स्टेट वाइस प्रेसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव शामिल हैं. शुरुआत में पुलिस ने 4 से 10 लोगों को डिटेन किया था, लेकिन अब चार मुख्य आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है. बाकी की तलाश जारी है.

दिल्ली पुलिस भारत मंडपम में हुए प्रदर्शन की वीडियो फुटेज खंगाल रही है. अभी तक 2 दर्जन से ज्यादा वीडियो जांच के दायरे में हैं. कुछ नाम दिल्ली पुलिस को पूछताछ के दौरान मिले है. फरार प्रदर्शनकारियों के फोन बंद है. टेक्नीकल सर्विलांस के आधार पर बाकी प्रदर्शनकारियों की तलाश की जा रही है.

लार्ज कॉन्सपिरेसी के एंगल से जांच कर रही पुलिस

ACP महला ने दोहराया कि ये घटना पूरी तरह से प्री-प्लान्ड लगती है. उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से कुछ लोग अगर एक जगह पहुंचकर ऐसा प्रोटेस्ट करते हैं तो वह प्री-प्लानिंग के बिना संभव नहीं है. हम इसकी जांच कर रहे हैं.’ पुलिस अब लार्जर कॉन्सपिरेसी (बड़ी साजिश) के एंगल से जांच कर रही है. इसमें यह देखा जा रहा है कि क्या ये प्रदर्शन सिर्फ कुछ लोगों की हरकत थी या इसमें कोई बड़ा प्लान और ज्यादा लोग शामिल थे.

प्रदर्शनकारियों ने समिट में लगाए नारे

यह घटना 20 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे भारत मंडपम के एग्जिबिशन हॉल में हुई थी. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ टी-शर्ट पर स्लोगन जैसे ‘PM इज कंप्रोमाइज्ड’, ‘एपस्टीन फाइल्स’ और “इंडिया-US ट्रेड डील’ लिखकर दिखाए. उन्होंने शर्ट उतारकर नारे लगाए और हंगामा किया, जिससे वहां मौजूद अंतरराष्ट्रीय डेलिगेट्स और मेहमानों में अफरा-तफरी मच गई.

पुलिस ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन लेकर गई. अब गिरफ्तारी के बाद उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां रिमांड या जमानत पर सुनवाई हो सक

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