इंटरनेट से पढ़ाई और देश-विदेश से जुटाए उपकरण, बिना साइंस पढ़े उत्तराखंड के रवि ने गांव में ही बनाई ‘फ्लाइंग कार’

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के एक होनहार युवक रवि टम्टा ने इंटरनेट के जरिये पढ़ाई कर अपने ही गांव में फ्लाइंग कार बनाई है। शुक्रवार को अल्मोड़ा के ही आर्मी हेलीपैड पर इसका सफल परीक्षण किया गया।
इस दौरान वह करीब एक मिनट तक हवा में ही रहे। इसे देश-विदेश से उपकरण जुटाकर स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। ड्रोन तकनीक पर आधारित कार को राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लिए बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
रवि टम्टा अलमोड़ा के काफलीखान गांव के रहने वाले हैं. रवि ने बताया कि उनको अपने गांव से 40 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करने में लगभग 90 मिनट (डेढ़ घंटा) का समय लगता है. उन्होंने सोचा कि अगर हवाई मार्ग का इस्तेमाल किया जाए, तो यह सफर मात्र 10 मिनट में पूरा हो सकता है. इसी सोच ने उन्हें एक ऐसा इलेक्ट्रिक पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल बनाने के लिए प्रेरित किया, जो खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टेशन की सूरत बदल सके.
सालों की मेहनत का मिला फल
इसे अपने करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर बताते हुए रवि टम्टा ने कहा, ‘आज मेरी जिंदगी का बहुत बड़ा दिन है. मुझे यह साझा करते हुए बेहद खुशी और गर्व हो रहा है कि HAPIDA SKYNeX की पहली सफल उड़ान सालों के रिसर्च, संघर्ष, प्रयोगों और निरंतर प्रयासों का नतीजा है.’
सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन
रवि के इस कारनामे ने इंटरनेट पर धूम मचा दी है. वायरल वीडियो देखकर लोग तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘अद्भुत! यह पहाड़ों में ट्रांसपोर्ट के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.’ वहीं एक अन्य ने तंज कसते हुए कहा, ‘हमें सिर्फ डिग्रीधारियों की नहीं, बल्कि ऐसे असली इनोवेटर्स की जरूरत है.’ कई लोग इसे उत्तराखंड का पहला बड़ा इनोवेशन बता रहे हैं और सरकार से रवि टम्टा के काम को सराहने व मदद देने की अपील कर रहे हैं.



