संपादकीय

एक और लंबी छलांग

दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल कारोबारी एलन मस्क ने एक और कारनामा करके दिखाया है। उनकी कंपनी न्यूरालिंक ने पहली बार इलेक्ट्रिक वीइकल (EV), स्पेस ट्रैवेल से लेकर मंगल पर इंसानी बस्ती बसाने जैसे अनोखे आइडिया लाने और उन पर अमल के प्रयास शुरू कर देने के लिए मशहूर इलॉन मस्क ने एक बार फिर सबको चौंकाया है। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर यह जानकारी दी कि उनकी कंपनी न्यूरालिंक ने पहली बार किसी इंसान के दिमाग में चिप लगाई और शुरुआती संकेतों के मुताबिक यह प्रयोग सफल भी रहा। यह कदम मानव जीवन में साइंस और टेक्नॉलजी की भूमिका के नए दौर की शुरुआत साबित हो सकता है।

किन्हें होगा फायदा: वैसे, यह काम न्यूरालिंक से पहले दूसरी कंपनियां कर चुकी हैं। ब्लैकरॉक न्यूरोटेक नाम की कंपनी जो इस क्षेत्र में न्यूरालिंक की प्रतिद्वंद्वी है, वह पहले ही कई इंसानों के दिमाग में ऐसी चिप लगा चुकी है। खैर, न्यूरालिंक की यह पहल बड़ी है, लेकिन शुरू में इसका फायदा उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो किसी वजह से अपने अंग गंवा चुके हैं या उनके अंग बेकार हो चुके हैं। ऐसे मरीजों के लिए सिर्फ सोचकर फोन, कंप्यूटर या ऐसे अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करने की क्षमता वरदान साबित हो सकती है।

दिमागी बीमारियों में उपयोगी : 
थोड़ा आगे की बात करें तो इससे उन लोगों को भी फायदा हो सकता है, जिनके शारीरिक अंग तो दुरुस्त हैं, लेकिन दिमागी बीमारियों की वजह से वे उन्हें ठीक से काम में नहीं ला पाते। उदाहरण के लिए अलजाइमर, पार्किंसन ही नहीं, डिप्रेशन और यहां तक कि अडिक्शन के मामलों में भी यह चिप उपयोगी साबित हो सकती है।

इंसानी दिमाग की क्षमता : यह ध्यान में रखना जरूरी है कि बीमारियों का इलाज इस प्रयोग का सिर्फ एक पहलू है। मस्क ही नहीं, इस प्रयोग पर काम कर रहे अन्य लोगों का भी ध्यान वास्तव में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए इंसानी दिमाग की क्षमता बढ़ाने पर रहा है। तो आज नहीं तो कल बात उस तरफ जाएगी।

क्या हैं चुनौतियां : 
यह विचार काफी लुभावना है कि दिमाग में एक चिप के जरिए दुनिया भर की जानकारी डाउनलोड कर इंसान बेतहाशा सूचनाओं को स्टोर करने की क्षमता बढ़ा ले। लेकिन इसमें खतरे भी कम नहीं। बुनियादी बात यह है कि ऐसा कोई चिप छह महीने या साल भर के लिए नहीं बल्कि लंबे समय (10-20 साल या इससे भी ज्यादा) के लिए लगेगा। लेकिन इतने लंबे समय तक दिमाग और चिप के बीच तालमेल बना रहेगा या नहीं, इस बारे में कोई स्टडी अभी नहीं हुई है।

सावधानी की जरूरत : दिमाग की सर्जरी काफी नाजुक होती है। इससे जुड़े खतरे तो अपनी जगह हैं ही, यह सवाल भी है कि अगर इस चिप को किसी उपाय से हैक कर लिया गया और उसमें गलत जानकारी फीड कर दी गई तो? बेशक इन सवालों से डर कर विज्ञान की प्रगति को रोकने की कोशिश बेमानी होगी, लेकिन इन सवालों से आंख मूंदकर आगे बढ़ना भी सही नहीं होगा।

Show More

Daily Live Chhattisgarh

Daily Live CG यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, बिजनेस, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button