मध्यप्रदेश

‘3 दिन का समय तेरे पास नहीं तो जेल में सड़ेगा; पंचायत भवन में घोटाले पर भड़कीं कलेक्टर अंजू भदोरिया, सरपंच को दिया अल्टीमेटम

डिंडौरी: कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया ने औचक निरीक्षण के दौरान सरकारी योजनाओं में बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार पकड़ा है। नुनखान गांव के आंगनवाड़ी केंद्र में जहां एक भी बच्चा मौजूद नहीं मिला, वहीं गणेशपुर पंचायत भवन के निर्माण में भारी वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई है। कलेक्टर ने जिम्मेदार सरपंच और सचिव के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आंगनवाड़ी केंद्र में पसरा मिला सन्नाटा

कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया ने जब डिंडोरी के नुनखान स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का जायजा लिया, तो वहां स्थिति बेहद लचर मिली। केंद्र के रजिस्टर में कुल 41 बच्चों के नाम दर्ज थे, लेकिन मौके पर एक भी बच्चा मौजूद नहीं पाया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौके पर उपस्थित थीं, लेकिन सहायिका पिछले 15 दिनों से केंद्र से गायब थीं। बच्चों की गैर-मौजूदगी और सहायिका की लगातार अनुपस्थिति परकलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई और तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।

पंचायत भवन निर्माण में 33 लाख का खेल

निरीक्षण के अगले चरण में कलेक्टर ने गणेशपुर पंचायत भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की। यहां काम बेहद घटिया और असंतोषजनक पाया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भवन के निर्माण के लिए 37.50 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। इसमें से सरपंच अमर सिंह पट्टा और सचिव भागवत प्रसाद ने मिलकर 33 लाख रुपए निकाल लिए, जबकि धरातल पर काम का स्तर बेहद निराशाजनक था।

सरपंच को तीन दिन का अल्टीमेटम और सचिव सस्पेंड

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सरपंच अमर सिंह पट्टा को तीन दिनों के भीतर गड़बड़ी के पैसे जमा करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ ही, भारी लापरवाही और वित्तीय अनियमितता बरतने के आरोप में पंचायत सचिव भागवत प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के अन्य भ्रष्ट तंत्र में हड़कंप मच गया है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button