वर्ल्ड कप की ये कैसी तैयारी, एक-एक कर शर्मनाक रिकॉर्ड बना रहे तेज गेंदबाज, दक्षिण अफ्रीका में कैसे मिलेगी जीत?

नई दिल्ली: भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज के साथ टीम इंडिया ने 2027 विश्व कप की तैयारियों की शुरुआत की। अगला वनडे विश्व कप विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों का आखिरी टूर्नामेंट होगा। विश्व कप का शेड्यूल भी जारी हो चुका है। इसका आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में हो रहा है। वहां की उछाल भरी पिचों पर जीत हासिल करने के लिए तेज गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला रहा।
इस सीरीज में सभी गेंदबाजों की जमकर पिटाई हुई, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि कई साल पुराने रिकॉर्ड टूट गए। वहीं, कुलदीप यादव ने शुरुआती 2 मुकाबलों में बहुत ही शानदार गेंदबाजी की। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने भी तीसरे वनडे में अपनी छाप छोड़ी। वहीं, भारतीय तेज गेंदबाज एक-एक कर शर्मनाक रिकॉर्ड बनाते रहे।
सीरीज के दूसरे मैच में आकिब नबी ने अपने वनडे करियर की शुरुआत की। हालांकि, उन्होंने 8.5 ओवर में 84 रन खर्च कर दिए और कोई विकेट नहीं लिया। इस तरह वह पिछले 51 साल में भारत के लिए सबसे घटिया डेब्यू करने वाले गेंदबाज बन गए। इससे पहले करसन घावरी ने 1975 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू वनडे में 83 रन दिए थे। अहम बात यह है कि उन्होंने 11 ओवर में इतने रन लुटाए थे, जबकि नबी ने सिर्फ 8.5 ओवर में 84 रन खर्च कर दिए।
गुरनूर ब्रार को वनडे टीम में लगातार मौके दिए जा रहे हैं और इस सीरीज में उन्होंने बहुत ज्यादा निराश किया। तीन मैचों में उन्होंने 253 रन खर्च कर दिए और तीन वनडे की सीरीज में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज बने। इस मामले में केविन ओ ब्रायन दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 2015 में तीन मैच की सीरीज में 246 रन दे दिए थे।
2023 वनडे विश्व कप में टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची थी। भारत में स्पिन के लिए मददगार पिचों पर भी तेज गेंदबाजों ने तहलका मचाया था। खासकर शमी और बुमराह की जोड़ी ने लगातार विकेट निकाले थे। इसी वजह से भारत ने लाजवाब प्रदर्शन किया था। इस बार भी भारत को वनडे टीम में अनुभवी गेंदबाजों को वापस लाना होगा। मोहम्मद शमी को विश्व कप से पहले दोबारा टीम में शामिल किया जा सकता है। वहीं, बुमराह और सिराज की वापसी तय है। सिराज इसी सीरीज से टीम में वापस लौट चुके हैं। कप्तान गिल ने सीरीज खत्म होने के बाद एक्सपेरिमेंट खत्म करने की बात कही। शायद उनका इशारा इसी तरफ था।
भारत की वनडे टीम में अर्शदीप सिंह को भी शामिल किया जा सकता है। दक्षिण अफ्रीका में एकमात्र स्पिन गेंदबाज के रूप में कुलदीप यादव का खेलना लगभग तय है। जडेजा या अक्षर ऑलराउंडर की भूमिका में दिख सकते हैं। इसके साथ ही भारत 3 प्रमुख तेज गेंदबाज और एक फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर को टीम में रखना चाहेगा। इस स्थिति में बुमराह और सिराज के साथ अर्शदीप, शमी या प्रसिद्ध कृष्णा को मौका दिया जा सकता है। दक्षिण अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर वह प्रभावी हो सकते हैं।



