संपादकीय

‘लम्बी उम्र के लिए प्रेरणा लें’ इटली के 2 गांवों के लोगों से!

अभी तक तो माना जाता था कि जापान के लोग सर्वाधिक लम्बी आयु तक जीवित रहते हैं, परंतु इटली में ‘सार्डीनिया’ नामक ऐसा स्थान है जिसके ‘बोलोटान’ नामक पहाड़ी गांव में महिलाएं विश्व में सबसे लम्बी आयु जीती हैं। जो 70 वर्ष से अधिक है, यह इस बात की गारंटी है कि वहां अधिकांश महिलाएं 100 वर्ष की उम्र तक पहुंचेंगी। 

‘सार्डीनिया’ द्वीप लंबी उम्र के लिए, विशेषकर अधिक उम्र तक जीने वाले पुरुषों के लिए, 1999 में मशहूर हुआ था। इस क्षेत्र के गांवों को दुनिया के 5 ‘ब्लू जोन’ में शामिल किया गया था। ‘ब्लू जोन’ ऐसे भौगोलिक इलाकों को कहा जाता है जहां 100 वर्ष से अधिक जीने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक होती है। अब शोधकत्र्ताओं ने बताया है कि मध्य सार्डीनिया में ‘बोलोटान’ के मूल ब्लू जोन से लगभग 110 कि.मी. दूर ‘माॢजन’ नामक गांव में महिलाएं 100 वर्ष से भी अधिक लम्बी उम्र भोगती हैं। 

इन फुर्तीली महिलाओं की लम्बी उम्र का रहस्य है, जीवन भर बने रहने वाले बहुत गहरे और बहुत सच्चे सामाजिक संबंध। इकट्ठे रहना, इकट्ठे खाना पकाना, साफ-सुथरा ताजा भोजन खाना,कोई पैकेट वाली चीज नहीं खाना, एक-दूसरे से बराबर बातचीत करना, गांव के इर्द-गिर्द का शुद्ध, प्रदूषण रहित प्राकृतिक वातावरण और कोई जिम न होने के बावजूद व्यायाम के कारण किसी प्रकार की शारीरिक क्षमता में कमी न आना। आयु बढ़ जाने के बावजूद वहां के बुजुर्ग रोजाना 20 किलोमीटर तक की सैर करते हैं जिनमें बहुसंख्या महिलाओं की होती है।  
दूसरी ओर हम हैं कि 70 वर्ष की आयु तक पहुंच जाने के बाद जीवन को समाप्त मान कर निष्क्रिय हो जाते हैं।

भारत में लोगों की यह धारणा बन गई है कि ‘बुजुर्ग’ हो गए हैं, अब यह सब क्यों करना! परंतु यदि हम भी इटली के उक्त गांवों के लोगों जैसी जीवनशैली अपनाएं तो इससे जहां लोगों की सेहत में सुधार होगा, वहीं इससे लोगों का जीवन आसान बनेगा और जीवन की संध्या मजे से गुजरेगी। इस समय तो हालत यह है कि हमारे यहां 60 वर्ष की उम्र में ही लोग घुटनों की शिकायत करने लगते हैं। 65 वर्ष में पहुंचते-पहुंचते उनके लिए सीढिय़ां चढऩा मुश्किल हो जाता है और 70 वर्ष के होने तक तो बहुत से लोग बिना सहारे के जमीन से उठ भी नहीं पाते।

जापान में लोगों की औसत आयु 84 वर्ष तथा यूरोप के अधिकांश देशों में 81 से 83 वर्ष, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया में लगभग 83 वर्ष और भारत में लगभग 70 वर्ष है। लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि आप कितना लंबा जिएंगे, असली सवाल यह है कि आप कितना ठीक से जिएंगे। यानी वे वर्ष जब आप खुद चल सकते हों, खुद उठ-बैठ सकें और किसी दूसरे पर निर्भर नहीं हों। सिंगापुर में यह आयु 73.6 वर्ष, जापान में 73.4 और दक्षिण कोरिया में 72.5 वर्ष है, जहां लोग बिना किसी सपोर्ट के अपना जीवन जी लेते हैं। दुनिया का औसत स्वस्थ जीवन 63.7 वर्ष और भारत का लगभग 60 वर्ष के आसपास है। लेकिन अच्छी बात यह है कि लम्बी आयु पाने की रेस जींस ने नहीं हारी है। यह रेस आदतों से जीती जा सकती है। अपनी आदतों को सुधार कर स्वयं को सुधारा जा सकता है। इसीलिए अपना और अपने पेरैंट्स का लाइफस्टाइल बदल कर यह बदलाव लाया जा सकता है।

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