महाराष्ट्रराष्ट्रीय

अमित शाह, फडणवीस और शिंदे की बैठक में ‘कॉकरोच आंदोलन’ पर भी चर्चा, गायब रहीं सुनेत्रा

मुंबई: मुंबई दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ शनिवार को बैठक कर देश की मौजूदा राजनीति और विपक्ष के रुख के अलावा जेन जी आंदोलन से पैदा हुई स्थिति पर भी चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, शाह ने युवाओं को पार्टी का कोर वोटर बताया, लेकिन हालिया आंदोलन का दिल्ली के बाद मुंबई में सबसे ज्यादा प्रभाव होने के चलते सावधान रहने की जरूरत पर जोर दिया। शाह ने कहा कि अभिजीत दीपके महाराष्ट्र से हैं इसलिए यदि वह आगे राजनीति में आते हैं तो इसका प्रभाव महाराष्ट्र की राजनीति पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी जेन जी के पक्ष में हैं, इसलिए राज्य में ऐसी योजनाएं लाई जाएं जो युवाओं की हितैषी हों। युवाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। सीएम और डीसीएम ने 56 लाख किसानों के लिए कर्जमाफी के कदम की जानकारी शाह को दी।

शिंदे की शिकायत:
सूत्रों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अमित शाह के सामने पार्टी सांसदों, विधायकों और मंत्रियों की नाराजगी जताई। शिंदे ने कहा कि बार-बार मीडिया में आता है कि शिंदे को सरकार के निर्णयों में साइडलाइन कर दिया गया है। बीजेपी के मंत्रियों और विधायकों की तरह फंड नहीं मिलता है। सरकार में शामिल रहने के बावजूद वह ट्रीटमेंट नहीं मिलता, जिसके हम हकदार हैं। इस पर अमित शाह ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी ताकत समन्वय होती है। फैसले मिलजुलकर और सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए। उन्होंने शिंदे को आश्वासन दिया कि राज्य से लेकर केंद्र तक सब जगह उनकी बातों को गंभीरता से सुना जायेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में भी उचित जगह दी जाएगी। संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार में भी पूरी तरजीह मिलेगी।

शाह ने सुनेत्रा को नहीं दिया समय :
अमित शाह के मुंबई दौरे में सीएम फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे उनके साथ देखे गए, लेकिन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार पूरी पिक्चर से गायब रहीं। सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर को एनसीपी का चुनावी रणनीतिकार बनाए जाने से अमित शाह और बीजेपी नेतृत्व नाराज है, इसलिए सुनेत्रा पवार को शाह के कार्यक्रम में नहीं शामिल किया गया। वहीं एनसीपी अजित गुट के नेताओं का कहना है कि सुनेत्रा पवार का शनिवार को पहले से तय कार्यक्रम पुणे में था, इसलिए वह शाह से नहीं मिल सकीं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button