‘स्मृति ईरानी के हलफनामे पर चुप्पी, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द’, चुनाव आयोग पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी

नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से एकमात्र कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस समेत विपक्ष के अन्य दल और चुनाव आयोग के बीच टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश बताते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं अब इस मामले पर शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने स्मृति ईरानी का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी पर हमला बोला है।
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद मंगलवार देर रात पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने बीजेपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जिक्र करते हुए कहा, स्मृति ईरानी लोकसभा हलफनामों में अपनी तीन अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं बताकर चुनाव लड़ सकती हैं और आयोग उसे नजर अंदाज कर देता है, लेकिन नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया जाता है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा- ‘बीजेपी की स्मृति ईरानी अपने लोकसभा हलफनामों में तीन अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं बताकर चुनाव लड़ सकती हैं और चुनाव आयोग उनकी सभी शिकायतों को नजरअंदाज कर देता है, लेकिन कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द कर दिया जाता है। क्योंकि उनके हलफनामे में किसी ऐसी मामूली शिकायत का जिक्र नहीं था, जिसके लिए न तो कोई FIR हुई थी और न ही उन्हें चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने का कोई मौका मिला था।’
बीजेपी ने जताई थी आपत्ति
इससे पहले दिन में, चुनाव से पहले ‘रिसॉर्ट स्टे’ रणनीति के तहत अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने के प्रयास में पार्टी को भोपाल हवाई अड्डे पर बाधा का सामना करना पड़ा। इसी बीच, भाजपा ने नटराजन के नामांकन पत्र पर गंभीर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना की अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी छिपाई है।
क्या है मामला
- दायर की गई आपत्ति के अनुसार, पूर्व कॉर्पोरेट अधिकारी ए. श्रीलता ने नटराजन के खिलाफ चौथे अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि नटराजन ने कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया था। श्रीलता ने रेड्डी पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
- इसका खंडन करते हुए कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने भाजपा की आपत्ति को ‘फोर्स्ड पॉलिटिक्स’ करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि नटराजन के खिलाफ कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया गया है, केवल अदालत का नोटिस प्राप्त हुआ है।
- उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, जानकारी का खुलासा केवल मामला दर्ज होने पर ही किया जाना चाहिए, नोटिस प्राप्त होने पर नहीं।
- अपना बचाव करते हुए नटराजन ने स्थिति को ‘राजनीतिक साजिश’ बताया और हैदराबाद अदालत में श्रीलता की याचिका का विरोध करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने का प्रयास बताया।



