नासिक TCS कांड की मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तार, 25 दिन से पुलिस को दे रही थी चकमा

पीटीआई, नई दिल्ली। बहुराष्ट्रीय कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में महिलाओं के यौन उत्पीड़न और मतांतरण मामले में आरोपित निदा खान को गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया।
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया।
नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने टीसीएस की नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन मतांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के मामले सामने आने के बाद, नौ प्राथमिकी दर्ज करके आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद निदा फरार हो गई थी। पुलिस ने महाराष्ट्र के कई इलाके में उसकी तलाश कर रही थी।
इससे पहले उसने नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी और यह कहते हुए गिरफ्तारी से राहत मांगी थी कि वह दो माह की गर्भवती है। हालांकि कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपितों ने कंपनी के भीतर समूह बनाकर संगठित तरीके से गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया गया। आरोप है कि जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपितों ने पीड़िता को एक विशेष धर्म की देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें बताकर उसकी धार्मिक भावनाएं आहत कीं।
आरोप है कि निदा ने महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने के लिए दबाव डाला।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के यौन उत्पीड़न और मानहानि संबंधी प्रविधानों के साथ ही निदा पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति की है।



