NEET री-एग्जाम आज: पहली बार एयरफोर्स ने पहुंचाए पेपर, 22 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में होंगे शामिल

नई दिल्ली। पेपर लीक के विवादों के बाद आज देश के 564 शहरों में NEET-UG 2026 की परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है। इस ऐतिहासिक री-एग्जाम में देश और विदेश के केंद्रों को मिलाकर कुल 22.79 लाख से अधिक छात्र बैठ रहे हैं। सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाव किए गए हैं।
NEET-UG 2026: अधिकारियों ने बताया कि नीट यूजी 2026 परीक्षा को सुरक्षित, पारदर्शी और सही तरीके से कराने के लिए पूरे देश में शनिवार को मॉक ड्रिल की गई। दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के दफ्तर में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है ताकि परीक्षा बिना किसी परेशानी के हो सके।
यह दोबारा परीक्षा रविवार को आयोजित होगी, जिसमें 22.79 लाख से ज्यादा मेडिकल अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। यह परीक्षा पहले पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द की गई थी और अब लगभग सात हफ्ते बाद दोबारा कराई जा रही है।
दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा अतिरिक्त समय
NEET-UG 2026 री-एग्जाम में दिव्यांग (PwD/PwBD) उम्मीदवारों को विशेष सुविधा दी गई है। ऐसे अभ्यर्थी, जो अतिरिक्त समय के पात्र हैं, उन्हें शाम 6:20 बजे तक परीक्षा देने की अनुमति होगी। वहीं, सभी उम्मीदवारों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
एजेंसी ने कहा, “एंट्री गेट ठीक दोपहर 1.30 बजे बंद हो जाएंगे और उसके बाद किसी भी स्थिति में किसी उम्मीदवार को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
परीक्षा के लिए NTA की व्यापक तैयारी
NTA ने कहा है कि री-एग्जाम को सुरक्षित और सुचारू तरीके से कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन, पुलिस और विशेष एस्कॉर्ट टीमों को तैनात किया गया है ताकि गोपनीय परीक्षा सामग्री सुरक्षित रूप से केंद्रों तक पहुंच सके। परीक्षा की निगरानी के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो पूरे आयोजन पर नजर रखेंगे।
परीक्षा की निगरानी के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम
NEET-UG 2026 री-एग्जाम को निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर तैनात किए गए हैं। NTA के अनुसार, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत 2 लाख से अधिक कर्मचारियों को परीक्षा ड्यूटी में लगाया गया है। सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पहली बार प्रश्न-पत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में भारतीय वायु सेना की मदद भी ली जा रही है।
परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने कई उच्चस्तरीय बैठकें की हैं। वहीं, NTA ने अभ्यर्थियों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए एक आधिकारिक WhatsApp चैनल शुरू किया है। एजेंसी ने छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रही पेपर लीक, फर्जी आंसर-की या पैसे लेकर परीक्षा में मदद दिलाने जैसे दावों पर भरोसा न करने की सलाह दी है।
परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए NTA के विशेष इंतजाम
- परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए NTA ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
- प्रश्न पत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संभाला जाएगा।
- परीक्षा सामग्री ले जाने वाली गाड़ियों में GPS ट्रैकिंग और पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था रहेगी।
- सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी, जो केंद्रीय कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे।
- फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
- सत्यापन प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए अतिरिक्त बायोमेट्रिक मशीनें और प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
- गर्मी को देखते हुए सभी केंद्रों पर बिजली, पंखे, पर्याप्त रोशनी, पीने का पानी, साफ-सफाई और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है।
- अभ्यर्थियों को पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति होगी।
- डायबिटीज़ से पीड़ित उम्मीदवार NTA के नियमों के अनुसार शुगर टैबलेट और केला, सेब, संतरा जैसे फल साथ ला सकेंगे।
- NTA ने उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र का पता पहले से जांचने और समय पर पहुंचने की सलाह दी है।
- पारंपरिक या धार्मिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए थोड़ा पहले पहुंचने को कहा गया है।
राज्यों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक अलर्ट
NEET-UG 2026 री-एग्जाम को देखते हुए कई राज्यों ने अभ्यर्थियों की सहायता के लिए विशेष कदम उठाए हैं। कुछ राज्यों में उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचाने और यात्रा संबंधी परेशानी कम करने के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
वहीं, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने अपने अधीन आने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को 20 और 21 जून को छात्रों को छुट्टी नहीं देने का निर्देश दिया है, सिवाय अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों के। यह फैसला उन मामलों के बाद लिया गया है, जिनमें कुछ मेडिकल छात्रों के परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल होने की आशंका जताई गई थी।



