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6 साल बाद YouTube पर लौटा मैसेजिंग फीचर, अब ऐप में ही होगी चैटिंग, वीडियो शेयर करना होगा और आसान

दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लैटफॉर्म्स में से एक YouTube एक ऐसा फीचर वापस ला रहा है जिसे उसने करीब छह साल पहले बंद कर दिया था. अब कुछ चुनिंदा देशों में यूजर्स को ऐप के भीतर ही निजी मैसेज भेजने और वीडियो पर बातचीत करने की सुविधा मिलने लगी है. इस बदलाव का मकसद यूजर्स को वीडियो शेयर करने के लिए बार-बार दूसरे मैसेजिंग ऐप्स पर जाने की जरूरत कम करना है. हालांकि इस बार कंपनी इसे एक पूर्ण चैटिंग प्लैटफॉर्म की बजाय कंटेंट शेयरिंग और चर्चा का माध्यम बनाकर पेश कर रही है.

YouTube ने क्यों बदला अपना फैसला?

YouTube ने 2019 में अपना डायरेक्ट मैसेजिंग फीचर बंद कर दिया था क्योंकि उसे यूजर्स से उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी. लेकिन अब शॉर्ट वीडियो, लाइवस्ट्रीम और क्रिएटर कंटेंट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच कंपनी फिर से मैसेजिंग को मौका दे रही है.

इस बार फोकस दोस्तों और परिचितों के बीच वीडियो शेयरिंग को आसान बनाने पर रखा गया है. कंपनी का मानना है कि लोग किसी मजेदार वीडियो, शॉर्ट्स क्लिप या लाइवस्ट्रीम को देखते ही उसी प्लैटफॉर्म पर चर्चा करना चाहते हैं.

वीडियो देखते-देखते शुरू हो जाएगी बातचीत

नए फीचर के तहत यूजर्स सीधे YouTube ऐप के अंदर वीडियो, शॉर्ट्स और लाइवस्ट्रीम शेयर कर सकेंगे. किसी वीडियो को देखते समय शेयर मेन्यू में ही संपर्कों का विकल्प दिखाई देगा, जिससे अलग ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

अगर कोई नया संदेश आता है तो उसकी नोटिफिकेशन भी मिलेगी. इससे वीडियो शेयरिंग और उस पर चर्चा पहले से ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो सकती है.

हर किसी को नहीं मिलेगी यह सुविधा

फिलहाल यह फीचर सीमित देशों में शुरू किया गया है. शुरुआती चरण में अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील और सिंगापुर जैसे बाजारों के कुछ यूजर्स इसे इस्तेमाल कर पा रहे हैं.

इसके अलावा मैसेजिंग सुविधा केवल 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के यूजर्स के लिए उपलब्ध रखी गई है. इससे कम उम्र के अकाउंट्स को इस फीचर का ऐक्सेस नहीं मिलेगा.

स्पैम और परेशान करने वाले मैसेज से बचाने की तैयारी

इस बार YouTube ने प्राइवेसी और सुरक्षा पर खास ध्यान दिया है. अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स की तरह यहां किसी भी व्यक्ति को सीधे खोजकर मैसेज नहीं भेजा जा सकेगा.

बातचीत शुरू करने के लिए इनविटेशन लिंक का इस्तेमाल होगा. यह लिंक सात दिनों तक एक्टिव रहेगा और सामने वाले व्यक्ति को यह तय करने का मौका मिलेगा कि वह मैसेज स्वीकार करना चाहता है या नहीं. इससे अनचाहे संदेशों और स्पैम की संभावना कम हो सकती है.

क्या YouTube बन जाएगा नया चैटिंग प्लैटफॉर्म?

फिलहाल कंपनी का लक्ष्य व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या अन्य मैसेजिंग ऐप्स से प्रतिस्पर्धा करना नहीं दिखता. YouTube इसे एक सहायक फीचर के रूप में पेश कर रहा है, जिससे वीडियो देखने का अनुभव अधिक इंटरैक्टिव बन सके.

अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में YouTube यूजर्स को कंटेंट शेयरिंग और कम्युनिकेशन के और नए विकल्प भी मिल सकते हैं. फिलहाल इतना तय है कि छह साल बाद मैसेजिंग फीचर की वापसी ने प्लैटफॉर्म को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है.

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