‘मुझे उन बिजनेस को स्वीकार करने में कठिनाई होती है, जो किसी न किसी मोड़ पर मुनाफा नहीं कमाते’

नई दिल्ली: स्टीव बालमर माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ रहे हैं। उन्होंने 2000 से 2014 तक कंपनी को लीड किया। स्टैनफोर्ड के MBA प्रोग्राम से पढ़ाई छोड़ने के बाद वह 1980 में माइक्रोसॉफ्ट में 30वें कर्मचारी के तौर पर शामिल हुए। वह पहली बार माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स से तब मिले थे जब दोनों हार्वर्ड में अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट थे।
बालमर का मानना है कि किसी भी व्यवसाय का अंतिम और मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है। अगर कोई कंपनी सालों तक काम करने के बाद भी मुनाफा नहीं कमा पा रही है तो उसकी व्यावसायिक प्रासंगिकता और अस्तित्व पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इस कोट में दिखती है बालमर की सोच
‘मुझे उन व्यवसायों (बिजनेस) को समझने या स्वीकार करने में कठिनाई होती है, जो किसी न किसी मोड़ पर मुनाफा नहीं कमाते।’
क्या है इसका मतलब?
अगर कोई कंपनी सालों-साल चलती रहे, बहुत मशहूर हो जाए, लेकिन अंत में लाभ न कमाए तो ऐसी कंपनी का बिजनेस मॉडल सही नहीं माना जा सकता।
स्टार्टअप कल्चर पर तंज
कई नई टेक कंपनियां या स्टार्टअप्स सिर्फ यूजर बेस बढ़ाने, ब्रांड वैल्यू दिखाने या निवेशकों के पैसे पर टिके रहने पर फोकस करते हैं। यह कोट कहता है कि आखिरकार हर बिजनेस का असली मकसद मुनाफा कमाना ही होना चाहिए।
स्टीव बालमर के कुछ और कोट्स
‘बेहतरीन तरीके से काम करने वाली बड़ी कंपनियों की शुरुआत बेहतरीन लीडर्स से होती है।’
किसी भी बेहतरीन कंपनी की नींव और उसके काम करने का तरीका उसके शानदार लीडर्स से तय होता है। एक अच्छा नेतृत्व ही कंपनी की संस्कृति, सोच और उसकी सफलता का आधार बनता है।
‘सभी कंपनियों को एक विजन की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें उसे लागू करने की भी जरूरत होती है।’
सिर्फ बड़े सपने या विजन होना ही किसी कंपनी के लिए काफी नहीं है। सफलता इस बात से मिलती है कि आप उस विजन को जमीन पर कैसे एग्जीक्यूट करते हैं। योजना बनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसे सही तरीके से पूरा करना है।
‘किसी भी बदलाव का सबसे मुश्किल हिस्सा उससे जुड़े लोग होते हैं।’
किसी भी बदलाव को लागू करते समय सबसे कठिन काम तकनीक या प्रक्रिया को बदलना नहीं, बल्कि लोगों की सोच और आदतों को बदलना होता है। संगठन में लोग अक्सर बदलाव का विरोध करते हैं, जिसे संभालना ही सबसे बड़ी चुनौती है।
‘कंप्यूटर साइंस का फायदा यह है कि यह लोगों को वह करने में सक्षम बनाता है जो वे करना चाहते हैं।’
कंप्यूटर साइंस और तकनीक की असली ताकत यह है कि वह आम लोगों को अपने काम और विचारों को पूरा करने की क्षमता प्रदान करती है। तकनीक का काम इंसानों को उनके लक्ष्य हासिल करने में सक्षम बनाना है।
‘एक्सेसबल डिजाइन ही अच्छा डिजाइन है।’
एक अच्छा डिजाइन वही माना जाता है जो हर किसी के लिए इस्तेमाल करने में आसान और सुलभ (एक्सेसबल हो। अगर कोई प्रोडक्ट या तकनीक केवल कुछ ही लोग समझ या इस्तेमाल कर सकते हैं तो वह डिजाइन के स्तर पर अधूरी है।



