व्यापार

भारतीय अरबपति कर सकता है यूरोप की स्टील इंडस्ट्री में एंट्री! ₹47980 करोड़ का दांव खेलने को तैयार; इस कंपनी पर नजर

 नई दिल्ली। जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल, यूरोप की स्टील बनाने वाली कंपनी ‘सेल्सा’ (Celsa) के लिए 5 अरब डॉलर की बोली लगाने पर विचार कर रहे हैं। इस डील के लिए अन्य पक्षों से भी टक्कर मिल सकती है।
थिसेनक्रुप स्टील (Thyssenkrupp Steel) को खरीदने की बातचीत सफल नहीं होने के बाद, जिंदल अपने ग्लोबल स्टील बिजनेस को बढ़ाने के लिए यूरोप में एंट्री का रास्ता तलाश रहे हैं। इस साल के बीच में बातचीत खत्म होने से पहले, जिंदल और थिसेनक्रुप नौ महीने तक एक्सक्लूसिव बातचीत कर रहे थे।

जरूरी नहीं की डील हो!

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिंदल अपनी प्राइवेट विदेशी कंपनियों के जरिए सेल्सा के लिए बोली लगाने पर विचार कर रहे हैं, जिनका काम लिस्टेड जिंदल स्टील से अलग है। बताया जा रहा है कि बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और जरूरी नहीं कि इससे कोई डील हो ही जाए।
बार्सिलोना में हेडक्वार्टर वाली सेल्सा की 7.5 मिलियन टन स्टील बनाने की क्षमता और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले लॉन्ग स्टील प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो आकर्षक माना जा रहा है।

कितनी हो सकती है स्टील क्षमता?

हालांकि अगर यह अधिग्रहण सफल हो जाता है, तो लिस्टेड जिंदल स्टील (जिसका लक्ष्य 15 मिलियन टन से ज्यादा स्टील बनाने की क्षमता हासिल करना है) और ओमान में जिंदल के प्राइवेट बिजनेस (जिसकी स्टील क्षमता 3.2 मिलियन टन है) को मिलाकर ग्रुप की कुल स्टील क्षमता 25 मिलियन टन से ज्यादा हो सकती है।

और क्षमता बढ़ाने पर फोकस

जिंदल ओमान में 5 मिलियन टन डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन बनाने की क्षमता भी ऐड कर रहे हैं। इससे यूरोप में उनके द्वारा खरीदे जाने वाले किसी भी बड़े स्टील बिजनेस के लिए रॉ मटीरियल मिल सकता है। ग्रुप के पास मोजाम्बिक और कैमरून में आयरन ओर की खदानें भी हैं।
फिलहाल जिंदल स्टील और सेल्सा ने इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है। सेल्सा का बिजनेस फ्रांस, स्पेन और पोलैंड में है। सेल्सा का कंट्रोल स्ट्रैटेजिक वैल्यू पार्टनर्स, एटेस्टोर, डॉयचे बैंक और गोल्डन ट्री जैसे क्रेडिटर्स के पास है।

कंपनी की हालत सुधरी

सेल्सा मूल रूप से स्पेन के रुबिराल्टा परिवार की थी। 2023 में लेनदारों (क्रेडिटर्स) के नियंत्रण में आने के बाद कंपनी की स्थिति में सुधार हुआ। रीकैपिटलाइजेशन की कोशिशों के तहत उन्होंने लोन, बॉन्ड और शेयरों के जरिए 1 बिलियन का निवेश किया।
28 महीनों की रीस्ट्रक्चरिंग कोशिशों के बाद अप्रैल में कंपनी ने मुनाफा दर्ज किया। कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 3.3 बिलियन का रेवेन्यू और ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले 396 मिलियन की कमाई दर्ज की।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button