गाजा-लेबनान में इस्राइल की कार्रवाई पर भड़के पेजेशकियन, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को घेरा

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया में इस्राइल की कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जताते हुए अमेरिका पर समर्थन देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में कई अहम हस्तियों और वैज्ञानिकों को निशाना बनाया गया, जबकि वैश्विक संस्थाएं चुप्पी साधे रहीं। उन्होंने इस्लामी देशों से एकजुट होकर काम करने की अपील की।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार (स्थानीय समय) को पश्चिम एशिया में इस्राइल की कार्रवाइयों की निंदा की। उन्होंने अमेरिका पर इस्राइल को समर्थन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बुद्धिजीवियों, वैज्ञानिकों और प्रभावशाली लोगों की निशाना बनाकर हत्याएं की गई हैं। समाचार एजेंसी आईआरएनए ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
वैश्विक संस्थाओं पर क्या कहा?
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेशकियन तेहरान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘इमाम खामेनेई; द इटरनल लीडर ऑफ रेजिस्टेंस’ में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रभाव पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं मानवाधिकारों की रक्षा का दावा करती हैं। लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल रही हैं।
‘विभाजन देता है बाहरी ताकतों को तनाव बढ़ाने का मौका’
पेजेशकियन ने कहा, अगर इस्लामी देश मिलकर काम करें तो गाजा, लेबनान और फलस्तीन में संघर्ष और मानवीय संकट को रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस्लामी संप्रदायों और जातीय समूहों में विभाजन बाहरी ताकतों को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का मौका देता है।
अयातुल्ला खामेनेई को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा, दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई का मार्गदर्शन दुनियाभर में आज भी प्रेरणा देता है। उनका संदेश एकता, गरिमा, स्वतंत्रता और प्रतिरोध के रूप में पहले से ज्यादा मजबूत हो गया है।



