चेचक में भूलकर भी न करें ये गलती, लक्षण बचाव, इलाज

बरसात का मौसम चल रहा है और देखा जाता है की बरसात के मौसम में चेचक जैसी बीमारी से लोग ग्रसित हो रहे हैं. इस बीमारी में लोग अक्सर झाड़ फूक के चक्कर में पड़ जाते हैं जो समस्याएं बढ़ा देते हैं. यदि आपको चेचक के कोई लक्षण शरीर पर दिखाई दे तो आप इसका तत्काल किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर इलाज शुरू कर दे. आईए जानते हैं यह चेचक बीमारी क्या है और कैसे होती है और क्या इसके बचाव है.
वैरीसेला जोस्टर वायरस से फैलता चेचक बीमारी
लोकल 18 से बात करते हुए केसरी राज हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुमन्त कुमार गुप्ता बताते हैं कि चेचक (चिकनपॉक्स) एक संक्रामक वायरल जनित बीमारी है. जो वैरीसेला जोस्टर वायरस से फैलता है तथा यह संक्रमण व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैलता है. यदि कोई व्यक्ति इस बीमारी से संक्रमण है तो वह खांसता है, छींकता है या उसके शरीर पर निकले दानों के संपर्क पर सीधे आता है उस दौरान उसके संपर्क में आने से भी यह बीमारी फैलती है. इस बीमारी से बचने का सही उपाय है टीकाकरण यदि आप टीकाकरण करते हैं तो इस बीमारी से बच सकते हैं.
इस बीमारी के मुख्य शुरुआती लक्षण में लोगों को तेज बुखार आने लगता है तथा शरीर में कमजोरी के साथ दर्द महसूस होने लगता है. तथा उसके साथ ही शरीर पर दाने निकलने लगते हैं यदि इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे तो आप यह जानने की चेचक बीमारी के चपेट में आ गए हैं. यदि आपको बुखार अधिक आ रहा है और कमजोरी के साथ चक्कर आ रहा है तथा सांस लेने में दिक्कत आ रही है तो इसका तत्काल किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर अपना इलाज प्रारंभ कर दे. क्योंकि इस लक्षण में आपको चेचक रोग हो सकता है और चेचक रोग में लापरवाही बरतने पर आप निमोनिया के शिकार हो सकते हैं जो आपके सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकता है.
एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलती है यह बीमारी
यदि आप चाहते हैं कि इस बीमारी से बचे रहे हैं और आप बीमारी क्षिकर न हो तो इस बीमारी से ग्रसित संक्रमित व्यक्ति से आप दूरी बनाकर रखें. तथा पास जाते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करें समय समय पर सैनिटाइजर करते रहें और पानी का सेवन अधिक करते रहें. तथा इस बीमारी से बचने का सबसे सरल उपाय है कि वैक्सीनेशन टीकाकरण अवश्य कराए जो प्रत्येक अस्पतालों पर आपको आसानी से मिल जाएगा. क्योंकि यह ऐसी बीमारी है यदि परिवार में किसी एक व्यक्ति को हो जाए और उस बीमारी के दौरान सावधानी न बरती जाए तो अन्य व्यक्ति भी इससे बीमारी की संक्रमण में आ जाते हैं. ऐसे में यदि यह बीमारी किसी व्यक्ति को हुई है तो उसे अलग कमरे में में रखें और बिना किसी जरूरत की उसके संपर्क में ना आए क्योंकि यह बीमारी एक दूसरे के संपर्क में आने से होती है.
चेचक रोग में रखें ऐसा खान पान
यदि आप इस बीमारी से ग्रसित है तो इस बीमारी में खान-पीन पर विशेष ध्यान दें खाते समय ध्यान दें कि बहुत ही साफ खाने का प्रयोग करें इसमें ज्यादा से ज्यादा खिचड़ी, दाल का पानी और रोटी सब्जी हल्के मात्रा में खाना चाहिए, कम हल्के मसाले वाले खाना खाना चाहिए, क्योंकि परहेज इस बीमारी में बहुत ही जरूरी होता है. इसमें कभी-कभी निमोनिया हो जाती है तो कभी-कभी दिमागी बुखार हो जाता है जो मरीजों की परेशानी बढ़ा देता है, क्योंकि यह काफी घातक बीमारी होती है. ऐसे में यदि इस बीमारी के शिकार हैं, तो झाड़ फूंक के चक्कर में ना पड़े. इसका योग्य चिकित्सक को दिखाकर तत्काल इलाज प्रारंभ कर दें, नहीं आपकी समस्या बढ़ सकती है.



