राजनीति

विकास भी, विरासत भी : मोदी जी के 12 वर्षों की सौगात

17 जुलाई, 2026 का दिन देश के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर विश्व को भारत के श्रमिकों, इंजीनियरों की मेहनत की पराकाष्ठा, पराक्रम और तकनीक की धमक सुनाई, कुरुक्षेत्र में भव्य सिख संग्रहालय की आधारशिला रखकर गुरु परंपरा को आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया और फिर जालंधर की पावन धरती से पंजाब को 5,470 करोड़ रुपए से अधिक की रेल और सड़क परियोजनाओं की सौगात दी। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के करोड़ों श्रद्धालुओं की दशकों पुरानी मांग पूरी करते हुए बेगमपुरा के बाद अब दूसरी ट्रेन छेहर्टा (अमृतसर) से काशी तक ‘संत गुरु रविदास एक्सप्रैस’ का शुभारंभ हुआ और 100 करोड़ की लागत से बना हुआ जालंधर कैंट का एयरपोर्ट जैसा भव्य रेलवे स्टेशन राष्ट्र को समॢपत हुआ।

आज जब पंजाब 2027 की दहलीज पर खड़ा होकर अंगड़ाई ले रहा है, तो हर पंजाबी के मन में 3 प्रश्न हैं-बीते 12 वर्षों में मोदी जी ने पंजाब को क्या दिया? ‘आप’ के कुशासन ने पंजाब का क्या हाल कर दिया और पंजाब का भविष्य किसके हाथों में सुरक्षित है? इन्हीं 3 प्रश्नों के उत्तर पंजाब की दिशा और दशा तय करेंगे। 26 मई, 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के दिन से ही मोदी जी ने पंजाब को केवल एक सीमावर्ती राज्य नहीं, बल्कि गुरुओं, महात्माओं, संतों, राष्ट्रभक्तों और शहीदों की पवित्र भूमि माना है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण करतारपुर साहिब कॉरिडोर है। नवंबर 2019 में कॉरिडोर खुला और आज लाखों श्रद्धालु बिना वीजा के दर्शन कर घर लौटते हैं। सितम्बर 2020 में श्री हरिमंदिर साहिब अमृतसर को एफ.सी.आर.ए. पंजीकरण मिला, जिससे 1984 के 36 साल के बाद पहली बार विदेशों में बैठी संगत सीधे गुरु घर की सेवा में दान भेज पा रही है। सेवा भोज योजना के अंतर्गत लंगर की सामग्री पर लगने वाले जी.एस,टी. की प्रतिपूर्ति कर केंद्र सरकार ने एस.जी.पी.सी. और दुग्र्याणा तीर्थ को करोड़ों रुपए लौटाए, गुरु के लंगर को कर-मुक्त किया।

गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व, गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व और गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व केवल भारत में ही नहीं, पूरे विश्व में अभूतपूर्व भव्यता के साथ मनाए गए, सुल्तानपुर लोधी का विकास, स्मारक सिक्के, डाक टिकट और अंतर्राष्ट्रीय आयोजन गुरुओं की वाणी को विश्व मंच तक ले गए। 26 दिसम्बर को ‘वीर बाल दिवस’ घोषित कर साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी की लासानी शहादत और दोनों साहिबजादों की वीरता, शौर्य एवं अपने धर्म के प्रति प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्मृति का अंग बनाया गया। जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक का भव्य पुनॢवकास हुआ। दशकों पुरानी ब्लैकलिस्ट के 314 में से 312 नाम हटाकर प्रवासी सिख परिवारों के लिए वतन के दरवाजे खोल बड़ी राहत दी। कांग्रेस पार्टी द्वारा गांधी नेहरू परिवार के इशारे पर 1984 के सिख विरोधी नरसंहार में एस.आई.टी. के माध्यम से साढ़े 3 दशक बाद पहली बार दोषियों को सजा दिलाकर इंसाफ की ज्योति जलाई गई। 

925 करोड़ रुपए की लागत से 750 बिस्तरों वाला एम्स बठिंडा, मोहाली में टाटा कैंसर संस्थान, आई.आई.एम. अमृतसर, आई.आई.टी. रोपड़ का विस्तार, पी.जी.आई.एम.ई.आर. चंडीगढ़ का लगभग 1,000 करोड़ रुपए का सारंगपुर विस्तार परिसर और होशियारपुर कपूरथला में नए मैडिकल-नॄसग कॉलेज-मोदी जी ने पंजाब में स्वास्थ्य और शिक्षा की पूरी क्रांति खड़ी कर दी। कनैक्टिविटी में तो युग बदल गया-40,000 करोड़ रुपए का दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रैसवे दिल्ली से माता वैष्णो देवी का 16 घंटे का सफर घटाकर लगभग 6 घंटे और अमृतसर का सफर लगभग 4 घंटे कर देगा। ब्यास दरिया पर देश का सबसे लंबा केबल-स्टेड पुल बन रहा है। पंजाब में 43,527 करोड़ रुपए के राष्ट्रीय राजमार्ग और लगभग 34,000 करोड़ रुपए का रेलवे अवसंरचना निर्माण चल रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना में पंजाब के 30 स्टेशन शामिल हैं। अन्नदाता के सम्मान में पंजाब के 11 लाख किसानों के खातों में पी.एम.-किसान की राशि सीधी पहुंच रही है, गरीब कल्याण के तहत प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा लगभग 1.40 करोड़ लाभाॢथयों को मुफ्त राशन मिल रहा है, शौचालय, पक्के घर, उज्ज्वला और आयुष्मान ने आम परिवारों का जीवन बदला है। 

अब दूसरी तस्वीर देखिए, जो हर पंजाबी का कलेजा चीर देती है। जिस पंजाब को केंद्र सरकार गफ्फे दे रही है, उसी पंजाब को भगवंत मान सरकार ने हर क्षेत्र में पीछे धकेल दिया है। सबसे बड़ा घाव नशे का है-आज पंजाब ड्रग्स के दरिया में डूबा कराह रहा है। गली-गली में मातम है। जो लोग नशा खत्म करने की कसमें खाकर सत्ता में आए थे, उनके राज में नशे का कारोबार और फला-फूला कई गुणा और जगह उपलब्ध हुआ है। तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई की इच्छाशक्ति ही नहीं है, क्योंकि जिन पर रोकने की जिम्मेदारी थी, वहां रक्षक ही भक्षक बन बैठे हैं। कानून-व्यवस्था का आलम यह है कि गैंगवार, फिरौती और टारगेट किलिंग रोज की खबर बन गई है। व्यापारी असुरक्षित है, उद्योगपति पलायन कर रहा है और निवेशक पंजाब का नाम सुनकर दूर भागता है। खजाने का हाल और भी बुरा है-पंजाब इतिहास के सबसे बड़े कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है, सरकार वेतन देने तक के लिए उधार पर उधार ले रही है और हर पंजाबी के सिर पर कर्ज का बोझ रोज बढ़ रहा है। जिन्होंने खनन से खजाने में 20,000 करोड़ रुपए लाने का दावा किया था, उनके राज में उल्टे पंजाब की धरती लुट रही है-सुबह-सुबह नहरों और दरियाओं के किनारे टिप्परों-टैंकरों की कतारें पंजाब का सीना छलनी कर रही हैं, अवैध खनन का पैसा खजाने में नहीं, दलालों और दलालों के रखवालों की जेबों में जा रहा है।

अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय बने धुस्सी बांध ने 25 वर्षों तक पंजाब की रक्षा की, परंतु बांधों के आसपास तक अवैध खुदाई कर इन्होंने पंजाब की ढाल को ही कमजोर कर दिया, परिणाम यह कि पानी ने रास्ता बदला और 2,100 गांव डूब गए। जो कहते थे कि बकरी तक का मुआवजा पहुंचेगा, उनके राज में सालभर बाद भी पीड़ितों तक मुआवजा नहीं पहुंचा। इस संकट में प्रधानमंत्री मोदी जी दिल्ली से आकर किसानों से मिले, केंद्र का एक-एक मंत्री पंजाब के जिलों-गांवों में पहुंचा, केंद्रीय आपदा टीमों ने जानें बचाईं, परंतु अहंकार में डूबी पंजाब सरकार के न मुख्यमंत्री पीड़ितों के आंसू पोंछने गए, न कोई मंत्री। ‘सेहत क्रांति’ के नारे पर सत्ता में आए लोग अस्पतालों या इंस्टीच्यूट बनाना तो छोड़ो किसी अस्पताल में एक नया वार्ड बनाया हो,  वह तक नहीं गिना सकते, मैडिकल कॉलेज और अस्पताल तो दूर की बात, इनकी पूरी राजनीति केंद्र की योजनाओं पर अपना स्टिकर चिपकाकर जनता को भ्रमित करने तक सिमट गई है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि गुरुओं की कृपा और जनता के आशीर्वाद से 2027 में पंजाब ‘डबल इंजन सरकार’ चुनेगा, और तब कर्ज, नशे और भय के अंधेरे से निकलकर पंजाब फिर देश का नंबर एक राज्य बनेगा-विकसित भारत के संकल्प का सबसे तेज इंजन, सुनहरा पंजाब, हरियाला पंजाब, खुशहाल पंजाब। जय हिंद, जय पंजाब।-तरुण चुघ

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