‘धन लूटने वाले कर्मचारी’ कठोर व शिक्षाप्रद दंड के अधिकारी!

एक ओर समाज विरोधी तत्वों द्वारा देश में लूट मचाई जा रही है तो दूसरी ओर कुछ सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी सरकार के धन को लूटने में लगे हुए हैं जिसके पिछले लगभग 6 महीनों के उदाहरण निम्न में दर्ज हैं :
* 26 मार्च को ‘बदायूं’ (उत्तर प्रदेश) में ‘आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन’ के अधिकारियों ने ‘स्टाम्प पेपर्स’ की बिक्री से प्राप्त लगभग 5.08 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी रकम को ‘दातागंज सब-ट्रेजरी’ में जमा न करवाने के मामले में 7 वर्ष से फरार चल रहे अकाऊंटैंट ‘राजेश सागर’ को गिरफ्तार किया।
* 24 जून को ‘प्रतापगढ़’ (उत्तर प्रदेश) की ग्राम पंचायत ‘हर्रईपट्टी’ में नालियों और गली के निर्माण के नाम पर बिना काम कराए ही 5.80 लाख रुपए का सरकारी धन निकालने के आरोप में ग्राम प्रधान और सैक्रेटरी के विरुद्ध केस दर्ज किया गया।
* 3 सितम्बर को ‘पंचकूला’ की विशेष सी.बी.आई. अदालत में हरियाणा के विभिन्न विभागों व संस्थाओं के 504 करोड़ रुपए की हेराफेरी के मामले में सी.बी.आई. ने हरियाणा कैडर के 6 आई.ए.एस. अधिकारियों, 2 बैंकों के 4 अधिकारियों और राज्य के 9 अधिकारियों सहित 19 आरोपियों के विरुद्ध तीसरी चार्जशीट दाखिल की। मामले की जांच के दौरान सी.बी.आई. अब तक 20 करोड़ रुपए के सोने सहित कई प्रमाण जब्त कर चुकी है।
* 7 सितम्बर को एक व्यापारी को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के नाम पर उससे 10 लाख रुपयों की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने ‘धेमाजी’ (असम) के जिला विकास आयुक्त ‘देबेश्वर बोरा’ को गिरफ्तार किया।
* 11 सितम्बर को सी.बी.आई. ने ‘इंडियन फारैस्ट सर्विस’ अधिकारी ‘नवीन श्रीवास्तव’ और उसकी पत्नी के विरुद्ध ‘चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साऊंड एंड टैक्नोलॉजी प्रमोशनल सोसायटी’ के खातों से 75.4 करोड़ रुपए के सरकारी फंड के गबन के आरोप में चार्जशीट दाखिल की।
* 14 सितम्बर को ‘तवांग’ (अरुणाचल प्रदेश) के मुख्य डाकघर में वित्तीय निरीक्षण के दौरान 39.25 लाख रुपए के सरकारी फंड के गबन के आरोप में डाकघर की कर्मचारी ‘संगीता आले’ को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी महिला कर्मचारी ने ‘पोस्टल लाइफ इंश्योरैंस’ के अंतर्गत वसूल की गई सरकारी रकम आधिकारिक खातों में जमा नहीं की थी। निरीक्षण के दौरान काऊंटर पर जमा 4.75 लाख रुपयों की ऐसी रकम भी गायब मिली जो जमा नहीं कराई गई थी।
* 16 सितम्बर को ‘सेईजोसा’ (अरुणाचल प्रदेश) में ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ की शाखा के एक कर्मचारी द्वारा एक बुजुर्ग खाताधारी महिला के खाते से 5,00,000 रुपयों की अवैध निकासी का मामला सामने आया।
* 16 सितम्बर को ही बदायूं (उत्तर प्रदेश) में ‘बिसौली’ ब्लाक की ग्राम पंचायत ‘मिठामई’ में फर्जी मजदूर दिखाकर 2 लाख रुपयों के गबन के आरोप में ग्राम प्रधान ‘रेखा रानी’ व सचिव ‘प्रिया पाल’ के विरुद्ध केस दर्ज किया गया। इन दोनों ने बिना कोई काम करवाए ऐसे लोगों के खाते में मजदूरी की रकम डाल दी जो ग्राम पंचायत क्षेत्र में रहते ही नहीं थे।
* 18 सितम्बर को ‘गुरुग्राम’ (हरियाणा) स्थित ‘भारत हैवी इलैक्ट्रिकल्स लि.’ (भेल) के स्थानीय सिलीकॉन सोलर सैल प्लांट से लगभग 71 लाख रुपए मूल्य की 31.65 किलो चांदी गायब होने का मामला सामने आने पर सी.बी.आई. ने ‘भेल’ के 2 अधिकारियों को नामजद करते हुए एफ.आई.आर. दर्ज की जबकि 3 अन्य अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में है।
* और अब 18 सितम्बर को ही ‘बुलंदशहर’ (उत्तर प्रदेश) की ग्राम पंचायत ‘भर्रा’ के प्रधान ‘सोनू’ तथा तत्कालीन सचिव पर गांव के विकास कार्यों और मनरेगा में 3.07 लाख रुपयों से अधिक की राशि के गबन का आरोप लगा है। प्रशासन ने इन दोनों को रिकवरी का नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन दोनों ने ग्राम निधि की रकम गांव के विकास में लगाने की बजाय अपने रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी।
सरकारी धन जनता की अमानत होता है अत: अमानत में ख्यानत करना किसी भी दृष्टिï से उचित नहीं कहा जा सकता। यदि कर्मचारी ही इस तरह की धोखाधड़ी में संलिप्त होंगे तो लोगों का विश्वास व्यवस्था में कैसे कायम रह पाएगा! अत: इस तरह के कृत्यों में शामिल होने वालों को कठोरतम शिक्षाप्रद दंड दिया जाना चाहिए।



