लेख
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आज भी भारत के मार्गदर्शक हैं महात्मा फुले
जब समाज के बड़े हिस्से को शिक्षा से वंचित रखा जाता था, तब महात्मा फुले ने लड़कियों और वंचित वर्गों…
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हार-जीत नहीं है संघर्षविराम…
खुद को विश्व शांति और स्थिरता का ठेकेदार समझने वालों को संघर्षविराम की जरूरत समझने में 40 दिन लग गए।…
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भारत की नारी शक्ति को सशक्त करें
ऐसे अवसर हमें यह याद दिलाते हैं कि कुछ फैसले अपने समय से बड़े होते हैं। वे आने वाली पीढिय़ों…
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शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी चिंताजनक…
शैक्षणिक संस्थानों की संख्या में वृद्धि के कारण गुणात्मक शिक्षा और प्रशिक्षण में गिरावट आई है, क्योंकि कई संस्थानों में…
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विनिवेश को रोकना एक सही फैसला
दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत छह करोड़ महिलाओं को दिए जाने वाले 90 प्रतिशत आजीविका ऋण सार्वजनिक क्षेत्र के और…
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आर्थिक और उन्नत परमाणु शक्ति बने भारत
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 38424 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड रक्षा निर्यात किया है। लेकिन अभी रक्षा मजबूती…
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नौकरियां गंवाने की चिंता और मानसिक स्वास्थ्य की पुकार
बेंगलुरु, जिसे भारत की आई.टी. राजधानी के नाम से भी जाना जाता है, पिछले दिनों एक ऐसी घटना से हिल गया,…
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अफसरों के नाकारापन से नहीं थमेंगे नालंदा मंदिर जैसे हादसे
सरकारी मशीनरी के नाकारा होने के कारण देश में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ जैसे हादसे रुक नहीं रहे। इस शृंखला…
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अमरीका के पाखंड की राजनीति
अमरीका को चिंता करने की जरूरत नहीं है, चिंतन और आस्था की स्वतंत्रता भारत के स्वभाव में है। उसके लिए…
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भारत-कनाडा संबंध : संवाद से सुधरते रिश्ते
यदि घोषित लक्ष्यों को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से लागू किया जाता है, तो 50 अरब डॉलर का व्यापारिक लक्ष्य…
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