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‘बंगाल अब बेड़ियों से आजाद हो चुका, जिन्होंने लूटा वो जाएंगे जेल’ : पीएम मोदी

 तारकेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में पिछले माह हुए सत्ता परिवर्तन और पहली बार यहां भाजपा की सरकार बनने के बाद आए बदलावों की ओर इशारा करते हुए शनिवार को कहा कि ऐसा लग रहा है कि राज्य अब बेड़ियां से आजाद होकर उसके गौरव की पुनर्स्थापना शुरू हो चुकी है।

पीएम ने कहा कि आज बंगाल की हवा में एक नई ताजगी है, यहां की मिट्टी के कण-कण से नई खुशबू आ रही है। हुगली जिले के तारकेश्वर में राज्य की नई भाजपा सरकार द्वारा पहली बार आधिकारिक रूप से आयोजित पश्चिम बंगाल दिवस समारोह में शामिल हुए पीएम ने कहा कि हमारा बंगाल अब अपने नए भविष्य के निर्माण में जुट गया है।

पीएम ने इस दौरान सैकड़ों करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने इस धार्मिक नगरी में अपने संबोधन की शुरुआत जय बाबा तारकनाथ और हर-हर महादेव से करते हुए कहा कि चुनाव और नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद पहली बार उन्हें बंगाल की जनता के बीच आने का सौभाग्य मिला है।

मोदी ने कहा कि बंगाल में दशकों तक पहले लेफ्ट और फिर टीएमसी ने जो गड्ढे बनाए, उन्हें भरने के लिए डबल इंजन सरकार ने सुपरफास्ट गति से काम करना शुरू कर दिया है। बिजली की रफ्तार से फैसले हो रहे हैं। रुकी हुई योजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। टीएमसी सरकार ने बंगाल को घुसपैठियों का अड्डा बना दिया था।

बंगाल में अब कटमनी शेष, काम शुरू है – पीएम मोदी

पीएम ने कहा कि बंगाल में अब कटमनी (कमीशन व रंगदारी) शेष, काम शुरू है। टीएमसी पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि कटमनी खाने वाले भाजपा सरकार में हो रही ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां व कारवाई के डर से इसे जनता को वापस लौटा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार का पश्चिम बंगाल दिवस इसलिए और भी विशेष है क्योंकि स्वतंत्रता के बाद जिस समृद्ध और उज्ज्वल बंगाल का सपना यहां के महान लोगों ने देखा था, आज पहली बार वह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक दिन राज्य के विकास के लिए नई प्रेरणा बने और एक नए गौरवशाली इतिहास की शुरुआत करे।

गुलामी के समय बंगाल ने असीम पीड़ा सही- पीएम मोदी

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने बंगाल के विभाजन के दौर को याद करते हुए कहा कि गुलामी के समय बंगाल ने असीम पीड़ा सही, अनेक बलिदान दिए। उन्होंने 1946 में डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान कोलकाता में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में निर्दोष बंगाली इसकी भेंट चढ़े। उन्होंने कहा कि बंगाल ने रक्तपात देखा, अपनों को खोया और अपनी मातृभूमि को बंटते देखा, लेकिन उसने अपनी पहचान और अस्मिता को मिटने नहीं दिया।

पूरे बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की हो रही थी साजिश – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को बार-बार यह बताया जाना चाहिए कि 20 जून का महत्व क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पूरे बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की साजिश हो रही थी और कांग्रेस ने उसके सामने घुटने टेक दिए थे। ऐसे समय में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका विरोध किया।

उन्होंने उल्लेख किया कि इसी तारकेश्वर की धरती पर मुखर्जी ने अप्रैल 1947 में ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित करवाया और घोषणा की कि पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा। इसी के लिए बंगाली-हिंदू होमलैंड आंदोलन शुरू किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस भावना से पश्चिम बंगाल को बचाया गया था, स्वतंत्रता के बाद उसी भावना को आगे बढ़ाने की जरूरत थी, लेकिन दुर्भाग्य से इसके उलट हुआ। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण पश्चिम बंगाल दिवस और उससे जुड़ी भावना को भुलाने की कोशिश की गई।

इतिहास को दबाया गया और तुष्टिकरण की राजनीति ने राज्य की मूल पहचान को नुकसान पहुंचाया। डा. मुखर्जी के योगदान को नजरअंदाज किया गया। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि पश्चिम बंगाल दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि बंगाल की अस्मिता, संघर्ष, बलिदान और आत्मसम्मान की पूरी ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।

शुभेंदु ने पीएम को भेंट की बाबा तारकनाथ व देवी दुर्गा की मूर्ति और रसगुल्ले

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीएम मोदी को बाबा तारकनाथ की तस्वीर व डोकरा शैली की देवी दुर्गा की मूर्ति के अलावा बंगाल के प्रसिद्ध रसगुल्ले और हुगली जिले के चंदननगर की प्रसिद्ध जल भरा मिठाइयां भी भेंट की। समारोह के दौरान बंगाल के विभिन्न जिलों के लोक कलाकारों ने मनमोहक नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसकी पीएम ने प्रशंसा की।

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