अमेरिका का डबल अटैक, पहले ईरान पर बरसाए बम-गोले, फिर तेल के खेल में भी दिया तगड़ा झटका

Iran-US War: पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है. ईरान जंग की आग एक बार फिर धधक उठी है. कुछ दिनों से शांत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से हाहाकार मच गया है. ईरान और अमेरिका में एक बार फिर तन गई है. जी हां, ईरान में अयातुल्लाह खामेनेई का अंतिम संस्कार और शोक समारोह जारी है. इस बीच अमेरिका ने ईरान को दो बड़े झटके दिए हैं. ईरान ने पहले तो ईरान पर सैन्य कार्रवाई की. 7 जुलाई को ईरान पर अटैक कर एक बार फिर सब धुआं-धुआं कर दिया. इतना ही नहीं, अमेरिका ने ईरान को लगे हाथ तेल वाला भी झटका दे दिया. होर्मुज में जहाजों पर लेटेस्ट अटैक के बाद अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमले किए. इसके साथ ही उइसने ईरानी तेल निर्यात का लाइसेंस रद्द कर दिया.
दरअसल, अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया दौर शुरू किया. हमलों के साथ ही अमेरिका ने ईरानी तेल बेचने की अनुमति देने वाला लाइसेंस रद्द कर दिया. अमेरिका ने ईरान पर यह एक्शन ऐसे वक्त में लिया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर हमले हुए. होर्मुज में टैंकर पर अटैक और अमेरिका का नया एक्शन पश्चिम एशिया को एक बार फिर डरा रहा है. इससे पहले से ही नाजुक संघर्ष-विराम पर दबाव बढ़ गया है.
खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और शोक समारोह के बीच अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की. 7 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए. अमेरिका ने जिन जगहों पर अटैक किए, उनमें क़ेश्म द्वीप, सीरिक और बंदर अब्बास के आसपास के इलाके शामिल हैं.
अमेरिका ने क्यों किया ईरान पर अटैक
ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई तक चल रहे हैं. इस दौरान तेहरान, क़ोम, मशहद और अन्य शहरों में लाखों लोग शोक समारोहों में शामिल हुए. 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में उनके दफन की तैयारी है. अमेरिका ने यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में वाणिज्यिक जहाज़ों पर हुए हमलों के जवाब में की. वहीं, ईरान ने पहले ही शोक समारोह के दौरान किसी भी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी थी. ऐसे समय में हुए अमेरिकी हमले से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.
अमेरिका ने ईरानी तेल पर मिली राहत वापस ली
अमेरिका ने ईरान को तेल कारोबार के लिए दी गई अस्थायी राहत वापस ले ली है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने 7 जुलाई 2026 को जनरल लाइसेंस एक्स रद्द कर दिया. यह फैसला हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टैंकरों पर हुए हमलों के बाद लिया गया है.
क्या होगा इसका असर
इस लाइसेंस के तहत 21 जून 2026 से 21 अगस्त 2026 तक ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन, बिक्री और डिलीवरी की सीमित अनुमति दी गई थी. इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में भुगतान जैसी संबंधित वित्तीय लेनदेन की भी इजाजत थी. अब लाइसेंस रद्द होने के बाद ईरान के तेल कारोबार पर अमेरिकी प्रतिबंध फिर से पूरी तरह लागू हो गए हैं.



