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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सभी आठ आरोपित गिरफ्तार, ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्र और मनीष यादव समेत ये नाम शामिल

अयोध्या। राम मंदिर के दानपात्रों की धनराशि में गबन किए जाने के मामले में अंतत: 20 दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एफआरआर दर्ज करा दी गई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर गुरुवार शाम रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद व अन्य अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

 तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी ने बीते दिनों एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी की प्राइमरी रिपोर्ट के आधार पर ही यह एक्शन हुआ है. फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. अभी तक आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी नहीं हुई है. हालांकि, गिरफ्तारी तय है, मगर अपडेट का इंतजार है. चलिए जानते हैं कि अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामला क्या है, किन-किन लोगों के खिलाफ एफईआर दर्ज है, कितने लोग हिरासत में हैं और वे कौन-कौन हैं और किन धाराओं में केस दर्ज है.

दरअसल, अयोध्या राम मंदिर में बीते दिनों दान चोरी का मामला सामने आया. यह चंदा चोरी का मामला मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद दान और अन्य चढ़ावे में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है. उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी की प्रारंभिक जांच के बाद मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. आरोप है कि दान की राशि में हेराफेरी, आपराधिक साजिश और भरोसे का उल्लंघन किया गया. कितने का गबन है और कौन-कौन इसके मास्टरमाइंड हैं, इसकी जांच जारी है.

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा एक्शन

ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है.

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