शरद पवार-एकनाथ शिंदे के बाद अब सुनेत्रा पवार-देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात, महाराष्ट्र में बढ़ी राजनीतिक हलचल

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। विधान भवन में शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात के बाद मुंबई में मुलाकातों का दौर तेज हो गया है। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। एनसीपी सूत्रों का कहना है कि सुनेत्रा ने फडणवीस को पार्टी के रुख से अवगत करा दिया है। साथ ही यह भी बता दिया है कि शरद गुट के विलय की स्थिति में पार्टी का रुख क्या है और उन्हें एनडीए में शामिल करने पर पार्टी का रुख क्या होगा। सीएम फडणवीस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कोई भी कदम उठाने से पहले उन्हें विश्वास में लिया जाएगा। हालांकि फडणवीस पहले ही कह चुके हैं कि एनडीए में अब सीट खाली नहीं है।
राजनीतिक हलकों में हलचल
वहीं जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकातें भले ही एक शिष्टाचार भेंट लग रही हो लेकिन इसके समय और तरीके को देखकर राजनीतिक हलकों में गहरी राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। शरद पवार और शिंदे की मुलाकात के बाद जहां उद्धव सेना ने इसकी तीखी आलोचना की है। संजय राउत ने कहा कि हमारी सरकार गिराने वाले गद्दार के कार्यालय में मीटिंग करना बड़े नेताओं की साख कम करता है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेसी नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया है कि शरद पवार के 5 से 6 सांसद असहज हैं, पवार की पार्टी का भी उद्धव ठाकरे की पार्टी जैसा हाल हो सकता है। पवार के सांसद असहज हैं, लेकिन यह पता नहीं है कि वे पार्टी छोड़ेंगे या नहीं।
दोनों एनसीपी का विलय या एनडीए में जाने की तैयारी ?
लगातार हो रही राजनीतिक मुलाकातों के बाद एक बार फिर दोनों एनसीपी के विलय को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि एनसीपी शरद पवार गुट के कांग्रेस में विलय के प्रस्ताव को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला है। वहीं अब सूत्रों का कहना है कि दोनों एनसीपी में विलय के बाद शरद पवार अपने लिए एनडीए के दरवाजे खोलने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि शरद गुट के कुछ सांसद और विधायक सत्ताधारी गठबंधन में शामिल होने के लिए दबाव बना रहे हैं। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि सांसद सुप्रिया सुले और पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं को एनडीए में शामिल होने पर केंद्र में अहम ज़िम्मेदारियां दी जा सकती हैं। हालांकि इन दावों पर किसी ने कुछ नहीं कहा है। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि सांसद सुप्रिया सुले और पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं को एनडीए में शामिल होने पर केंद्र में अहम ज़िम्मेदारियां दी जा सकती हैं। हालांकि शरद पवार गुट के नेताओं ने इन सभी चर्चाओं को साफ तौर पर खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद अफवाह बताया है। विधायक रोहित पवार ने साफ किया कि एनडीए में शामिल होने को लेकर चल रही सभी चर्चाएं बेबुनियाद हैं।
पवार का शिंदे की ऑफिस में बैठक उचित नहीं :
शरद पवार के एकनाथ शिंदे की ऑफिस में जाकर मीटिंग करने पर संजय राउत ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शरद पवार वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं लेकिन एकनाथ शिंदे के दफ्तर में पार्टी बैठक करना उचित नहीं था। जिन लोगों ने सरकार गिराई और गद्दारी की, उन्हें इस तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा देना गलत संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यदि शिवसेना की स्थिति ऐसी होती तो वह कभी भी गद्दारों के परिसर में पार्टी बैठक नहीं करती। हालांकि संजय राउत ने स्पष्ट किया कि उन्हें भरोसा है कि शरद पवार एनडीए में नहीं जाएंगे और उनकी विचारधारा पर उन्हें कोई संदेह नहीं है।
अब शरद गुट में पड़ सकती है फुट?
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया है कि शरद पवार की पार्टी के 5 से 6 सांसद उनका साथ छोड़ सकते हैं। इससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद और एक एमएलसी शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं ऐसे में शरद पवार गुट को लेकर पृथ्वीराज चव्हाण के दावे से महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। खास बात यह है कि चव्हाण इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी लपेट लिया है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार देश में किसी भी विपक्षी पार्टी को नहीं छोड़ना चाहती है और इसी रणनीति के तहत इस समय शरद पवार के सांसदों पर भारी दबाव डाला जा रहा है।



