Vedanta वाले अनिल अग्रवाल को चाहिए LOAN! ‘मास्टरस्ट्रोक’ के एलान के बाद क्यों हुई पैसों की तंगी?

अरबपति अनिल अग्रवाल की वेदांता एल्युमीनियम मेटल तीन बैंकों से ₹13,500 करोड़ का कर्ज जुटा रही है, जिसका उपयोग मौजूदा ऋणों के पुनर्वित्त के लिए किया जाएगा। यह वेदांता के व्यापार विभाजन के बाद स्वतंत्र रूप से वित्तपोषित व्यवसाय बनाने की रणनीति का हिस्सा है, जिससे वित्तीय लचीलापन बढ़ेगा।
नई दिल्ली। अरबपति अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप की एक यूनिट कम से कम तीन बैंकों से लगभग ₹13,500 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के अलग-अलग फर्मों में बंटने के बाद यह लोकल-करेंसी में लिया गया पहला बड़ा लोन है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक्सिस बैंक ने वेदांता एल्युमीनियम मेटल के साथ ₹5,500 करोड़ के लोन एग्रीमेंट पर साइन किए हैं। वहीं HDFC बैंक लिमिटेड और ICICI बैंक लिमिटेड मिलकर इस नई इंडिपेंडेंट कंपनी को लगभग ₹8,000 करोड़ का लोन देंगे। कर्जदाता लोन के एक हिस्से को सिंडिकेट करेंगे और एक्सिस बैंक इसे लॉन्च करेगा।



