IRS अधिकारी समीर वानखेडे को बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईआरएस अधिकारी समीर वानखेडे को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने वानखेडे को यह राहत ड्रग्स के दो केसों की जांच के मामले में दी है। इनमें से एक मामला अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दोनों मामलों में पूछताछ के लिए वानखेडे को नोटिस भेजा था, जिसे वानखेडे ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
वानखेडे का आरोप?
गुरुवार को जस्टिस अजय गडकरी और कमल खाता की बेंच ने वानखेडे को याचिका पर सुनवाई पूरी होने तक पूछताछ के लिए बुलाने से रोक दिया है। NCB के मुताबिक, केस से जुड़ी जांच दो गुमनाम शिकायतों के आधार पर शुरू की गई थी। वहीं वानखेडे का आरोप है कि यह सब महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक के कहने पर किया गया था।
याचिका में दावा?
वानखेडे ने याचिका में दावा किया था कि मलिक उनसे रंजिश रखते थे। क्योंकि उन्होंने मलिक के दमाद को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया था। बेंच ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया और कहा कि जब तक याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता तब तक वानखेडे को पूछताछ के लिए न बुलाया जाए। गौरतलब है कि वानखेडे एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर भी रह चुके हैं।
UBT नेता परब सहित 10 लोग बरी
उधर, विशेष अदालत ने यूबीटी नेता और विधायक अनिल परब सहित 10 अन्य लोगों को एक सरकारी कर्मचारी को हमले और उसे धमकाने के मामले से बरी कर दिया है। साल 2023 के इस मामले में परब समेत अन्य पर आईपीसी की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। परब पर आरोप था कि उन्होंने सरकारी अधिकारी के काम में बांधा डालने के लिए न सिर्फ बल प्रयोग किया,बल्कि ऐसा करने के लिए दूसरे लोगों को उकसाया भी था। यह घटना बीएमसी के सांताक्रुज कार्यालय में उस समय हुई थी,जब एक प्रतिनिधि मंडल अधिकारी से मिलने के लिए सांताक्रुज में गया था। इस दौरान अधिकारी के साथ बदसलूकी की गई। विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने सुनवाई में पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों पर लगे आरोपों को साबित नहीं कर पाया है। यह टिप्पणी कर कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।



