इंदौर से देश की सबसे बड़ी जीत:MP में बीजेपी पहली बार सभी 29 सीटें जीती; 26 साल बाद छिंदवाड़ा हारी कांग्रेस

देश में लोकसभा चुनाव के नतीजे भले ही भाजपा की अपेक्षा के अनुरुप नहीं आए हो, लेकिन मध्यप्रदेश में बीजेपी ने रिकॉर्ड बना दिया है। पहली बार बीजेपी ने क्लीन स्वीप कर प्रदेश की सभी 29 सीटें जीती। ऐसा 1984 के चुनाव में हुआ था, जब मध्यप्रदेश अविभाजित था। उस समय कांग्रेस ने सभी 40 सीटें जीती थी।
इंदौर से बीजेपी प्रत्याशी शंकर लालवानी ने देश में सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। वे 11 लाख 75 हजार 92 वोटों से जीते। वहीं विदिशा से शिवराज सिंह चौहान ने देश में तीसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। उन्हें 8 लाख 21 हजार 408 वोटों से विजय मिली।
लालवानी और शिवराज के साथ ही बीजेपी के 4 कैंडिडेट ऐसे रहे जिनकी जीत का मार्जिन 5 लाख से ज्यादा रहा। इनमें गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, खजुराहो से वीडी शर्मा, भोपाल से आलोक शर्मा और मंदसौर से सुधीर गुप्ता शामिल हैं।
खास बात यह है कि इस चुनाव में कांग्रेस का सबसे मजबूत किला छिंदवाड़ा भी ढह गया। यहां कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को हार का सामना करना पड़ा। वहीं राजगढ़ से चुनावी मैदान में उतरे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी हार गए। वहीं रतलाम सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को भी हार का मुहं देखना पड़ा।
सबसे पहले जानते हैं किस सीट से कौन जीता, कितने मार्जिन से
नोटा ने भी बनाया रिकॉर्ड
इंदौर में नोटा ने भी चौंकाया है। यहां नोटा को 2 लाख 18 हजार 674 वोट मिले हैं। यह देश में नोटा को मिले वोटों में सबसे ज्यादा बताया जा रहा है। विजयी प्रत्याशी शंकर लालवानी के बाद नोटा यहां दो नंबर पर रहा।
तीनों केंद्रीय मंत्री जीते
गुना से बीजेपी प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया 5 लाख 40 हजार 929 वोट से जीते।
टीकमगढ़ में बीजेपी प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार खटीक 4 लाख 3 हजार 312 वोट से जीते।
मंडला सीट से बीजेपी प्रत्याशी फग्गन सिंह कुलस्ते 1 लाख 3 हजार 846 वोट से जीते।
MP में बीजेपी और कांग्रेस के वोट शेयर में करीब 27% का अंतर
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को मिले वोट शेयर में करीब 27% का अंतर है। भाजपा को 59.27% वोट मिले हैं। जबकि कांग्रेस को 32.44% वोट मिले हैं। वहीं बसपा को 3.28% वोट मिले हैं। जबकि पिछले लोकसभा चुनाव में ये आंकड़ा 2.38% था। इस तरह करीब 1 फीसदी वोट बसपा का बढ़ा हैं। नोट के वोट शेयर 1.41% रहा। पिछले चुनाव में ये 0.66% था।
भाजपा का वोट शेयर 1.27% बढ़ा, कांग्रेस का 2.06% घटा
भाजपा का इस बार 59.27% वोट शेयर रहा। 2019 में 58.00% था। भाजपा का वोट शेयर इस बार 1.27% बढ़ा है। जबकि कांग्रेस का इस बार 32.44% वोट शेयर रहा। 2019 में 34.50% था। इस बार कांग्रेस का वोट शेयर 2.06% घटा है।



