मध्यप्रदेश

24 घंटे में खत्म हो गया सियासी सस्पेंस; बीजेपी ने ऐसा दांव खेला कि समझ ही नहीं पाए कांग्रेसी, बहुमत के बावजूद भी हारे

भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तीनों सीटों पर अब बीजेपी की जीत तय है। राज्यसभा चुनाव के लिए शुरू हुआ सियासी सस्पेंस मंगलवार को ही खत्म हो गया। सोमवार को बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के नामांकन दाखिल करने के साथ शुरू हुआ सियासी घटनाक्रम मंगलवार को कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होते ही खत्म हो गया।

कांग्रेस के पास तीसरी सीट जीतने का पूरा बहुमत था। लेकिन बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार उतार कर सभी को चौंका दिया। इसके साथ ही मंगलवार को रिटर्निंग अधिकारी ने एक फैसले ने कांग्रेस के खाते की सीट बीजेपी के झोली में डाल दी। महेश केवट का अब राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। इससे पहले तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल की भी जीत तय थी।

कौन हैं मीनाक्षी नटराजन

राहुल गांधी की करीबी मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन लंबे समय से पार्टी के संगठन का हिस्सा रही हैं। उन्होंने यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष और कांग्रेस की महासचिव के तौर पर भी काम किया है। 1994 में इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में M.Sc की पढ़ाई पूरी की। 2002 में वहीं से LLB की डिग्री हासिल की। 2009 से 2014 तक मंदसौर लोकसभी सीट से संसद सदस्य रह चुकी हैं। राहुल गांधी की टीम का सबसे अहम चेहरा हैं। अपनी सादगी और ईमानदारी के कारण राहुल गांधी की पसंदीदा नेताओं में से एक हैं। मीनाक्षी नटराजन के बारे में ऐसा कहा जाता है कि वह अपने किसी भी काम की रिपोर्ट सीधे राहुल गांधी को देती हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि उन्होंने अपने हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी नहीं दी थी। यह शिकायत बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट ने दर्ज कराई थी। उनके वकील ने पत्रकारों को बताया कि नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की एक अदालत में आपराधिक मामला चल रहा था और नामांकन पत्रों में इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।

कांग्रेस ने कहा- सीट चोरी हुई है

कांग्रेस ने सभी आरोपों का खंडन किया है और इसे राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया है। एमपी कांग्रेस का कहना है कि उन्हें तेलंगाना में सिर्फ़ एक नोटिस जारी किया गया था। नटराजन ने आरोप लगाया कि बीजेपी “लोकतंत्र और संविधान का गला घोंट रही है” और कहा कि जो मामला “वोट चोरी” से शुरू हुआ था, वह अब “सीट चोरी” में बदल गया है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button