चीन ने माना, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की थी PAK की मदद ; ड्रैगन ने सैटेलाइट डाटा भी कराया था मुहैया

चीन ने पहली बार कबूल किया है कि उसने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना को तकनीकी और खुफिया सहायता दी थी। चीन की सरकारी मीडिया में छपी रिपोर्ट में बताया गया कि चीनी इंजीनियर युद्ध के दौरान पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहे थे। यह सहयोग केवल उपकरणों तक सीमित नहीं था, बल्कि रणनीतिक और तकनीकी स्तर पर भी काफी गहरा था।
हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने चीन की सरकारी सीसीटीवी के हवाले से बताया कि इंजीनियर झांग हेंग ने पिछले साल मई में हुए चार दिवसीय युद्ध के दौरान पाकिस्तान को रीयल-टाइम सैटेलाइट डाटा और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण उपलब्ध कराए थे। इससे पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को भारतीय वायुसेना की गतिविधियों की सटीक जानकारी मिली। झांग हेंग चीन के एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (एवीआईसी) के चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में इंजीनियर हैं। यह कंपनी उन्नत लड़ाकू विमान और ड्रोन बनाती है। सीसीटीवी ने बृहस्पतिवार को झांग का साक्षात्कार प्रसारित किया था।
जे-10सी लड़ाकू विमानों के संचालन में भी की सहायता
संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने चीन निर्मित जे-10सी लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया। चीनी विशेषज्ञों ने इन विमानों की तकनीकी निगरानी, रखरखाव और युद्धक संचालन में सहायता दी। यह पहली बार है जब बीजिंग ने भारत-पाक संघर्ष में सीधी भूमिका को खुलकर स्वीकारा है। यह चीन-पाकिस्तान के गहरे सैन्य गठजोड़ को दर्शाता है। पाकिस्तान के लगभग 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीनी मूल के हैं।
‘भारतीय सेना भी हर चुनौती के लिए तैयार है’
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने एक दिन पहले कहा कि भारत को चाहे पाकिस्तान, चीन या तुर्किये जैसे कई मोर्चों से चुनौती का सामना करना पड़े, सेनाएं हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।



