चीन का डिफेंस सिस्टम फिर फुस्स, घंटे भर भी काम न कर सका एचक्यू-9बी

एजेंसियां — तेहरान
भले ही ईरान पर हमले इजरायल और अमरीका ने किए हो, लेकिन इस हमले में चीन की भारी भद्द पिटी है। दरअसल, ईरान ने हमलों से सुरक्षा के लिए तेल के बदले हथियार योजना के तहत पिछले साल चीन से एचक्यू-9बी एयर डिफेंस सिस्टम खरीदे थे, लेकिन शनिवार को जब ईरान पर हमले हुए, तो ये डिफेंस सिस्टम घंटे भर भी ईरान की रक्षा करने में नाकाम साबित हुए। ऐसे में चीन का यह मिलिट्री हार्डवेयर न सिर्फ चर्चा के केंद्र में आ गया है, बल्कि अब इसकी अग्नि परीक्षा की घड़ी आ चुकी है, क्योंकि एक साल के अंदर लगातार दो लड़ाइयों में यह फेल साबित हुआ है। ईरान से पहले पड़ोसी पाकिस्तान ने भी एचक्यू-9बी सिस्टम को तैनात किया था, लेकिन मई, 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भारतीय फायरिंग के सामने यह चीनी डिफेंस सिस्टम फुस्स साबित हुआ था। डिफेंस सिस्टम की वास्तविक क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
28 फरवरी को हुए हमलों में ईरान के 30 से अधिक प्रांतों में से 20 से ज्यादा प्रभावित हुए हैं। राजधानी तेहरान समेत कई संवेदनशील ठिकानों को इजरायली और अमरीकी सैन्य बलों ने निशाना बनाया है। रिपोट्र्स के अनुसार, एचक्यू-9बी सिस्टम को तेहरान के साथ-साथ नतांज और फोर्दो जैसे परमाणु स्थलों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था, लेकिन यह आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को घंटे भर भी रोकने में विफल रहा।
पाक में भी हुआ था खेला
यह पहली बार नहीं है, जब एचक्यू-9बी पर सवाल उठे हों। मई, 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी यह सिस्टम चर्चा में आया था। पाकिस्तान में तैनात एचक्यू-9बी भारतीय हमलों को रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुआ।



