… क्या झारखंड वाला मास्टर प्लान महाराष्ट्र में लागू कर पाएगी BJP?

झारखंड विधानसभा चुनाव की तरह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी बीजेपी के लिए काफी अहम है. लेकिन, दोनों राज्यों में बीजेपी के लिए बागियों ने काफी मुश्किलें खड़ी कर दी है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तो काफी हद तक झारखंड में बागियों को मना कर पर्चा वापस करा लिया है. लेकिन, महाराष्ट्र में बागियों को मानने में बीजेपी नेताओं को पसीने छूट रहे हैं. बीजेपी नेताओं और बागी के बीच अभी भी कशमकश चल रही है. ऐसे में महाराष्ट्र बीजेपी के सबसे बड़े योद्धा और राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास बागियों को मनाने के लिए सिर्फ तीन ही बचे हैं.
एक तरफ देवेंद्र फडणवीस को जहां अपने सहयोगियों से निपटना पड़ रहा है. वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं का बागियों को भी मनाने में समय बर्बाद हो रहा है. शुक्रवार को फडणवीस नागपुर में थे और उन्होंने मीडिया के सामने कई बातों को लेकर बीजेपी के रुख को साफ किया. फडणवीस ने स्वीकार किया है कि टिकट आवंटन में असंतोष के कारण कुछ नेता और कार्यकर्ता बागी हो गए हैं.
क्या देवेंद्र फडणवीस करेंगे झारखंड वाला खेल
महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी को अपने सहयोगी दलों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बीजेपी के दो दर्जन से अधिक बागियों की वजह से स्थिति ठीक नहीं है. इन बागियों को अगर समय रहते नहीं मनाया गया तो आने वाले चुनाव में महायुति गंठबंधन को नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में अगर इन बागियों ने 4 नवंबर तक नामांकन वापस नहीं लिया तो बीजेपी के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है.
फडणवीस के इस प्लान पर बीजेपी कर रही है काम
नागपुर दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से खुद चुनाव लड़ रहे हैं. शुक्रवार को फडणवीस से जब पत्रकारों ने बागियों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘वे हमारे अपने लोग हैं और उनसे बात करना और उन्हें मनाना हमारी जिम्मेदारी है. टिकट वितरण को लेकर नाराजगी होती है, लेकिन हम उन सभी को पार्टी के लिए काम करने के लिए मना लेंगे.’
नाम वापसी के दिन तक सभी बागी मान जाएंगे?
फडणवीस ने कहा कि बीते दो दिनों से पूरे राज्य में बीजेपी के नेता इन बागियों से बातचीत कर रहे हैं. मुंबई में पार्टी के बागियों के साथ राज्य भाजपा इकाई की बैठक के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने साफ कहा है कि नाम वापसी के आखिरी दिन तक सभी बागी बीजेपी के लिए काम करना शुरू कर देंगे. वहीं, फडणवीस ने साफ कर दिया है कि वह महाराष्ट्र चुनाव में मुंबई के मानखुर्द-शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी अजित पवार) के उम्मीदवार नवाब मलिक के लिए प्रचार नहीं करेंगे.
दाऊद से संबंध रखने वाले के लिए नहीं करेंगे प्रचार
बता दें कि इससे पहले बीजेपी की मुंबई इकाई के प्रमुख आशीष शेलार बोल चुके हैं कि अजीत पवार को नवाब मलिक के खिलाफ गंभीर आरोपों को देखते हुए उन्हें टिकट नहीं देना चाहिए था. ऐसे में फडणवीस ने भी अब साफ कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर नवाब मलिक के लिए वोट नहीं मांगेंगे.
आपको बता दें कि फडणवीस ने ही नवाब मलिक पर दाऊद इब्राहिम गिरोह के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया था. इसके बाद नवाब मलिक पर कार्रवाई हुई और तकरीबन नवाब मलिक डेढ़ सालों तक जेल में रहे. महाराष्ट्र की 288 सीटों पर विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे और वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी. साल 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105 सीटें, शिवसेना ने 56 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं थीं. वहीं, 2014 में भाजपा ने 122 सीटें, शिवसेना ने 63 और कांग्रेस ने 42 सीटें हासिल की थीं. लेकिन, इस बार बीजेपी के सामने शिव सेना (उद्धव ठाकरे), राकांपा (शरद पवार) और कांग्रेस एक साथ मैदान में होंगी.


