IAS तुकराम मुंढे की नोटिस को अजय देवगन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दी चुनौती, महाराष्ट्र FDA चीफ ने क्या कहा?

मुंबई : विमल पान मसाला के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र एफडीए की नोटिस के खिलाफ अभिनेता अजय देवगन बॉम्बे हाईकोर्ट चले गए हैं। शुक्रवार को महाराष्ट्र के एफडीए चीफ तुकराम मुंढे ने खुद प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया को इसकी जानकारी दी। मुंढे ने कहा कि जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें से एक (अजय देवगन) ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुंढे ने कहा हम इस मामले में अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं। हमने कार्रवाई शुरू की थी और नोटिस जारी किए थे। तीनों लोगों ने जवाब दिया और समय मांगा था।
तुकराम मुंढे की प्रेस कांफ्रेंस
मुंढे ने बताया कि असिस्टेंट कमिश्नर इसमें सक्षम अधिकारी थे। उन्होंने कार्यवाही पूरी कर ली है। इसके बाद सुनवाई बंद कर दी है। अब इन मामलों को जॉइंट कमिश्नर के पास भेज दिया गया है, जो इस मामले में फैसला लेने के लिए सक्षम अधिकारी हैं। इनमें से एक व्यक्ति (अजय देवगन) ने हाई कोर्ट का रुख किया है। गौरतलब हो कि एफडीए ने विमल पान मसाला विवाद में बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान, टाइगर श्रॉफ और अजय देवगन का सरोगेट एडवरटाइजिंग के लिए नोटिस भेजा था। एफडीए की तरफ से 14 अगस्त को तीनों स्टार्स को नोटिस भेजे गए थे। सितंबर के अंत में तीनों ने एफडीए को जवाब दे दिया था।
एफडीए ने क्या दलील दी थी
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब महाराष्ट्र FDA ने विमल इलायची के विज्ञापन में इन अभिनेताओं के नजर आने पर सवाल उठाए थे। FDA का आरोप है कि यह कैंपेन असल में ‘विमल पान मसाला’ के लिए सरोगेट विज्ञापन यानी अप्रत्यक्ष विज्ञापन माना था। एक ऐसा उत्पाद जिसकी राज्य में बिक्री प्रतिबंधित है। रेगुलेटर ने तीनों अभिनेताओं को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर उनसे ब्रांड एंडोर्सर (प्रचारक) के तौर पर उनकी भूमिका के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था। एफडीए ने रेगुलेटर ने ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ के प्रावधानों का हवाला दिया है, जो भ्रामक खाद्य विज्ञापनों और उन्हें प्रकाशित करने में शामिल लोगों की जिम्मेदारी से संबंधित हैं। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी तुकराम मुंढे मई, 2026 के आखिर में एफडीए चीफ बने थे।



