राष्ट्रीय

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज CJP का विरोध-प्रदर्शन का एलान, जंतर-मंतर पर पहुंचने लगे लोग; मेट्रो-इंटरनेट पर रोक

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन आज जंतर-मंतर पर प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, इसके बावजूद कई लोग जंतर-मंतर पर पहुंचने लगे हैं।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें हैं, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को रोकना, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करना, स्वतंत्र जांच और 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को रद करना।

पुलिस ने लागू की धारा 163

दिल्ली पुलिस ने क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। हजारों पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी है।

दिल्ली मेट्रो के इतिहास में पहली बार एक साथ 57 मेट्रो स्टेशन शुक्रवार रात नौ बजे से शनिवार को स्थिति सामान्य होने तक बंद कर दिए गए हैं। सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन भी शुक्रवार रात नौ बजे से शनिवार रात 10 बजे तक बंद रहेंगे।

इस दौरान आनंद विहार से मोदीपुरम के बीच नमो भारत ट्रेन सेवा तय समय पर परिचालित होती रहेंगी। दिल्ली पुलिस ने अब तक 200 लोगों को हिरासत में लिया है, जो आप, सीजेपी और वाम दल के सक्रिय समर्थक हैं।

सैंकड़ों ट्रेनें निसस्त

शुक्रवार को दोपहर दो बजे के बाद नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन व तिलक ब्रिज रेलवे स्टेशन से चलने वाली सभी ट्रेनें निरस्त कर दी गईं। शनिवार को भी सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक इन स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनें निरस्त रहेंगी। शनिवार को राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत सहित 224 से अधिक ट्रेनें निरस्त हो चुकी हैं। इसमें 179 लोकल ट्रेनें शामिल हैं।

इससे पहले पंजाब और दिल्ली की सीमा पर किसानों के प्रदर्शन के कारण 24 सितंबर 2020 से लगभग दो माह तक राजधानी से चलने वाली उत्तर दिशा की सभी ट्रेनें निरस्त करनी पड़ी थी। नई दिल्ली जिले में जनपथ-कर्तव्य पथ से चार किलोमीटर की दूरी में इंटरनेट सेवाएं भी शुक्रवार रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं।

35 डिटेंशन सेंटर में भेजे जाएंगे प्रदर्शनकारी

शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया कि सीजेपी समर्थकों को दिल्ली में कहीं भी प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई है। सीजेपी समर्थकों को आइजीआइ एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों या पड़ोसी राज्यों की सीमाओं से निजी वाहनों के जरिए दिल्ली में प्रवेश करते ही हिरासत में लिया जाएगा। इसके बाद उन्हें 35 डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा।

संयुक्त आयुक्त (नई दिल्ली रेंज) नुपूर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी की तरफ से सौरभ दास ने सात अक्टूबर को 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। नियम के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए लगभग 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य होता है, लेकिन आवेदन समय पर नहीं दिया गया।

बीएसएफ, सीआरपीएफ सहित दिल्ली पुलिस के 35 हजार से अधिक जवान तैनात

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी दिल्ली, विशेषकर नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है। जंतर-मंतर की ओर आने वाली सभी सड़कों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। बीएसएफ, सीआरपीएफ सहित दिल्ली पुलिस के 35 हजार से अधिक जवानों के साथ-साथ वज्र वाहन व वाटर कैनन तैनात किए गए हैं।

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