राजनीति

भारत में बंगलादेश और श्रीलंका जैसे हालात पैदा करने की खतरनाक सोचरत में बंगलादेश और श्रीलंका जैसे हालात पैदा करने की खतरनाक सोच

विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) पर कांग्रेस पार्टी और वामपंथी दलों द्वारा चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम किसी भी स्थिति में सफल नहीं होगा। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर देश में राजनीतिक अस्थिरता का वातावरण पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। आज कांग्रेस और वामपंथी विचारधारा से जुड़े कुछ नेता खुलेआम ’रिजीम चेंज’ की बात कर रहे हैं। ऐसी बयानबाजी से प्रतीत होता है कि कांग्रेस भारत में बंगलादेश और श्रीलंका जैसी राजनीतिक अस्थिरता की परिस्थितियां पैदा करना चाहती है। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को असंवैधानिक दबाव के माध्यम से अस्थिर करने की किसी भी सोच का भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां सत्ता परिवर्तन का एकमात्र संवैधानिक रास्ता जनता का जनादेश है। किसी भी राजनीतिक दल को लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करके देश में अराजकता का वातावरण बनाने का अधिकार नहीं है। मतदाता सूची की शुद्धता निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की बुनियादी आवश्यकता है। प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए, जबकि किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम कानून के विरुद्ध सूची में शामिल नहीं रहना चाहिए। हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि देश में किसी भी गैर-कानूनी घुसपैठिए को अवैध तरीके से मतदान नहीं करने दिया जाना चाहिए। भारत के चुनावों में मतदान का अधिकार केवल कानून के अनुसार पात्र भारतीय नागरिकों को है।

कांग्रेस और विपक्षी दल मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें अपनी राजनीतिक स्थिति कमजोर होने का भय है। भाजपा लंबे समय से मतदाता सूचियों में संभावित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और सुधार की पक्षधर रही है। यदि एस.आई.आर. के माध्यम से मृत, स्थानांतरित, दोहरे पंजीकरण वाले अथवा अन्य अपात्र नामों की पहचान कर कानून के अनुसार सुधार किया जाता है, तो इसमें आपत्ति क्यों होनी चाहिए? इस प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग को पारदर्शिता, उचित नोटिस और अपील के अवसर के साथ पुनरीक्षण सुनिश्चित करना चाहिए। कांग्रेस को यदि किसी प्रक्रिया पर आपत्ति है तो उसे तथ्यों और संवैधानिक माध्यमों से अपनी बात रखनी चाहिए, न कि बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाकर जनता में भ्रम पैदा करना चाहिए।

भाजपा लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। देश की जनता कांग्रेस और वामपंथी दलों की कथित भ्रम फैलाने की राजनीति को समझती है तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी। लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित होना चाहिए और प्रत्येक अपात्र नाम की कानूनसम्मत जांच होनी चाहिए। यही निष्पक्ष चुनाव और मजबूत लोकतंत्र का आधार है।-त्रिलोक कपूर/ प्रवीण बांसल

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