प्लेन में जिस चीज पर है पाबंदी, टॉयलेट में बैठ वो हरकत कर रही थी महिला, हुई लाइफटाइम बैन

हवाई सफर के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना और प्लेन के भीतर कश लगाना एक महिला यात्री को इतना भारी पड़ गया कि उसका पूरा करियर और सफर हमेशा के लिए दांव पर लग गया. मामला रूस का है, जहां एक 37 वर्षीय महिला यात्री को डोमेस्टिक फ्लाइट के भीतर चुपके से वैपिंग यानी ई-सिगरेट पीते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. इस गंभीर लापरवाही और सुरक्षा उल्लंघन के बाद एयरलाइंस ने कड़ा रुख अपनाते हुए महिला पर लाइफटाइम प्रतिबंध लगा दिया है. प्रतिबंध का असर यह है कि अब महिला स्थानीय एयरलाइंस की किसी भी फ्लाइट में कभी सफर नहीं कर पाएगी. सिर्फ इतना ही नहीं, आसमान में धुआं उड़ाने की इस सनक के बदले महिला पर करीब 2 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका गया है.
यह पूरी घटना सोची से सेंट पीटर्सबर्ग जा रही दो घंटे की एक घरेलू उड़ान के दौरान की है. फ्लाइट के केबिन क्रू ने रिपोर्ट किया कि महिला यात्री बेहद शातिराना ढंग से पहले विमान के टॉयलेट में गई और वहां ई-सिगरेट के कश लगाए. इसके बाद भी जब उसका मन नहीं भरा, तो उसने अपनी सीट पर वापस आकर भी वैपिंग करना शुरू कर दिया. प्लेन के भीतर लगे आधुनिक स्मोक डिटेक्शन सिस्टम की मदद से विमान कर्मियों को तुरंत इस सुरक्षा चूक की भनक लग गई. फ्लाइट अटेंडेंट्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला के पास से उस अवैध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जब्त कर लिया.
लैंडिंग करते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार
जैसे ही विमान ने सेंट पीटर्सबर्ग के हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की, नीचे पहले से ही मुस्तैद पुलिस अधिकारियों की टीम ने आरोपी रूसी महिला को हिरासत में ले लिया. रूस के आंतरिक मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि बंद स्थानों में तंबाकू और इसी तरह के अन्य हानिकारक उत्पादों के सेवन पर कड़े प्रतिबंध हैं. महिला के खिलाफ प्रशासनिक अपराध संहिता के अनुच्छेद 6.24 के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है. अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के अनुसार, विमान के भीतर किसी भी प्रकार की स्मोकिंग या वैपिंग पूरी तरह से गैर-कानूनी है और इसे एक गंभीर दंडनीय अपराध माना जाता है.


